मिडिल ईस्ट में छिड़ी भीषण जंग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल-गैस की सप्लाई रुकने की आशंका के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को एक बड़ी राहत की खबर दी है. पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मंच से यह प्रस्ताव रखा है कि रूस दुनिया के देशों को बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन और लॉजिस्टिक्स मार्ग उपलब्ध करा सकता है. उनके मुताबिक मौजूदा हालातों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है जिसके समाधान के लिए रूस पूरी तरह तैयार है. राष्ट्रपति पुतिन का मानना है कि रूस के पास वह क्षमता है जो वैश्विक लॉजिस्टिक्स के लिए एक नया और मजबूत ढांचा तैयार कर सकती है ताकि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट और पुतिन का विकल्प
इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स फोरम को दिए एक खास वीडियो संदेश में पुतिन ने साफ कहा कि मिडिल ईस्ट के हालात सीधे तौर पर ऊर्जा बाजारों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला तेल और गैस का परिवहन अब जोखिम में है जिससे पूरी दुनिया की सप्लाई चेन चरमरा सकती है और महंगाई बढ़ सकती है. इस संकटपूर्ण घड़ी में पुतिन ने रूसी रास्तों की अहमियत बताते हुए कहा कि रूस दुनिया को ऐसे समाधान दे सकता है जो ग्लोबल ट्रांजिट फ्लो में विविधता लाएंगे. पुतिन का तर्क है कि रूस के माध्यम से प्रस्तावित ये लॉजिस्टिक्स रूट न सिर्फ आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हैं बल्कि इनके जरिए सामान पहुंचने के समय में भी काफी कमी आएगी.
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तकनीकी विकास और विशेषज्ञों की फौज तैयार करेगा रूस
राष्ट्रपति पुतिन ने दुनिया को भरोसा दिलाया कि रूस इस क्षेत्र में अपने पुराने अनुभवों को साझा करने और कई देशों के साथ मिलकर संयुक्त कार्यक्रम चलाने के लिए तैयार है. उनका कहना है कि रूस ऐसे विशेषज्ञ और प्रोफेशनल तैयार कर सकता है जो 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से परिवहन और रसद के विकास को एक नई तकनीकी आधारशिला दे सकें. पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस केवल रास्ता ही नहीं दे रहा है बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए एक आधुनिक और डिजिटल ढांचे पर भी काम कर रहा है. यह पहल रूस को वैश्विक व्यापार के केंद्र में लाने और पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
ट्रंप की धमकी और यूरोपीय देशों का कड़ा रुख
इस बीच मिडिल ईस्ट के हालातों पर राजनीति भी गरमा गई है क्योंकि अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदियां लगाने की चेतावनी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों को धमकी भरे लहजे में कहा था कि वे होर्मुज का रास्ता खुलवाने के लिए उनके सैन्य गठबंधन में शामिल हों वरना नतीजे भुगतें. हालांकि यूरोपीय देशों ने ट्रंप की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है और किसी भी सैन्य टकराव का हिस्सा बनने से मना कर दिया है. दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात भी इस समुद्री रास्ते को फिर से खोलने के लिए ताकत के इस्तेमाल की बात कर रहा है जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की संभावना बनी हुई है.