भारत 18वें ब्रिक्स समिट की अध्यक्षता कर रहा है, जो आज से नई दिल्ली में भारत मंडपम में शुरू हो रहा है. समिट में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपने आधिकारिक काफिले के साथ पहुंच चुके हैं. वहीं चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग भी अपने काफिल के साथ आज भारत पहुंचेंगे. दोनों शक्तिशाली राष्ट्राध्यक्षों के काफिले में उनका आधिकारिक वाहन यानी उनकी आधिकारिक कारें भी भारत पहुंची हैं. रूसी राष्ट्रपति की कार का नाम ऑरस सीनेट L-700 है और चीनी राष्ट्रपति की कार का नाम होंगकी N-701 है, जो दुनिया की सबसे मजबूत, शक्तिशाली और अभेद्य कवच हैं, जिन्हें दुनिया का कोई हथियार आसानी से नहीं भेद सकता.
पुतिन की ऑरस सीनेट की कीमत 2.5 करोड़ रुपये
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आधिकारिक कार ऑरस सीनेट L-700 बख्तरबंद लिमोजिन कार है, जिसे कोई भी बम-गोली या जहरीली गैस तक तक नहीं भेद सकती. इस कार को 'पहियों पर चलता-फिरता किला' या 'रूसी रोल्स-रॉयस' भी कहते हैं. इस कार को 'कोर्तेज' प्रोजेक्ट के तहत मॉस्को के सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च ऑटोमोबाइल एंड ऑटोमोटिव इंजन इंस्टिट्यूट (NAMI) के द्वारा डिजाइन और प्रोड्यूस किया गया है. साल 2018 में ऑरस सीनेट कार ने पुतिन की आधिकारिक कार मर्सिडीज-बेंज S-600 गार्ड पुलमैन को रिप्लेस किया. यह कार करीब 7 मीटर लंबी है और इसका वजन करीब 7 टन है. इस कार में 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और ऑल व्हील ड्राइव है. यह 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती है.
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ऑरस सीनेट कार के अंदर 4.4 लीटर का ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन है, जो करीब 598 हॉर्सपावर और 880 NM का टॉर्क पैदा करती है. इस कार की बॉडी को गोलियां तक नहीं भेद सकती. इसकी खिड़कियों में कई सेंटीमीटर मोटा बुलेट प्रूफ कांच लगा है. रन-फ्लैट टायर, मजबूत फ्यूल टैंक और विस्फोट से बचाव के लिए अंडरबॉडी प्रोटेक्शन इसकी खासियत है. इस कार में ऑक्सीजन और फिल्टरेशन सिस्टम के साथ-साथ फायर ब्रिगेड सिस्टम भी है. इसके पिछले केबिन में गर्म और हवादार मसाज वाली सीटें, डिजिटल स्क्रीन, वर्क टेबल, फ्रिज और एक प्राइवेट केबिन है. इस कार की कीमत 18 मिलियन रूबल यानी करीब 2.5 करोड़ रुपये है. पानी में डुबने के बाद भी यह कार एक पनडुब्बी की तरह तैर सकती है और सवारियां सुरक्षित रहती हैं.
जिनपिंग की होंगकी कार की कीमत 7 करोड़ रुपये
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आधिकारिक कार होंगकी N701 भी लिमोजिन कार है. मंदारिन यानी चीनी भाषा में होंगकी का अर्थ 'लाल झंडा' है. इसे चीन की सरकारी कंपनी फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स (FAW) के द्वारा बनाई गई है. इस कंपनी को वर्ष 1958 में चीन के राजनीतिक नेतृत्व के लिए कारें बनाने के लिए बनाया गया था. इस की लंबाई लगभग 5.5 मीटर (करीब 18 फीट) है. इसका वजन 3 टन (3000 किलोग्राम) है. ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम के साथ यह कार महज 8 से 8.5 सेकंड में 0 से 210 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है. इस कार के अंदर शक्तिशाली 6.0-लीटर V12 इंजन (कस्टमाइज्ड V8 इंजन) लगा है, जो 408 हॉर्सपावर (hp) जनरेट करता है.
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इस कार में 21 इंच के बुलेट प्रूफ व्हील्स और रन फ्लैट टायर्स लगे हैं, जो फटने या गोली लगने के बाद भी कार को तेज स्पीड के साथ सुरक्षित निकालकर ले जाने में सक्षम हैं. इस कार की बॉडी एंटी-रॉकेट आर्मर प्लेटों से कवर है, जो रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और स्नाइपर हमलों को झेलने में सक्षम है. रासायनिक या जैविक हमलों से बचने के लिए कार के अंदर इनबिल्ट एयर कंप्रेशन और इंडिपेंडेंट लाइफ सपोर्ट सिस्टम लगा है, जो हमला होने के बाद बाहर की हवा को रोककर लोगों को ऑक्सीजन प्रदान करती है. इस कार की खिड़कियों पर बुलेट प्रूफ शीशे लगे हैं. यह कार निजी खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है. इसके केबिन में लेदर की सीटें, लकड़ी और जेड की बारीक कारीगरी, गर्म और हवादार मसाज सीटें और LED स्क्रीन लगी है. इसकी कीमत 5 मिलियन युआन यानी लगभग 7 करोड़ रुपये है.
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