रावलकोट में मंगलवार को झड़प के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की फायरिंग में छह नागरिकों की मौत का मामला सामने आया था. जिसके बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में तनाव बढ़ गया है.
बता दें कि हिंसा नए मामले शहर के बस टर्मिनल के पास हुए, जहां सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिससे कई लोगों की जान चली गई. मारे गए लोगों की पहचान जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर, वाजिद हयात और अन्य लोगों के तौर पर हुई है. बताया जा रहा है कि वाजिद हयात की मौत मटियाल मीरा बस टर्मिनल पर हुई.
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वहीं, भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. भारत का कहना है कि इन प्रदर्शन के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार है. वहीं, बीते मंगलवार को भारत सरकार ने कहा कि वहां की मौजूदा अशांति पाकिस्तान के दशकों पुराने सुनियोजित शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित करने और प्रशासनिक दबाव का नतीजा है.
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POK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की. इस दौरान मंत्रालय ने एक बयान जारी किया. मंत्रालय ने कहा कि ये झड़पें व्यवस्थित शोषण का नतीजा थीं.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'पाकिस्तान के अवैध और जबरदस्ती कब्जे वाले इलाकों में चल रहे विरोध-प्रदर्शन, पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दबाव का नतीजा हैं. स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों को दूर करने के बजाय, पाकिस्तानी प्रशासन ने पुलिस की अत्यधिक बर्बरता का सहारा लिया है.'
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उन्होंने आगे कहा कि हाल के दिनों में ही PoK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक लापरवाही, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प भी हई है.
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PoK का विरोध-प्रदर्शन व्हाइट हाउस तक पहुंचा
PoK में हिंसा से ठीक एक दिन पहले, अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) समुदाय के लोग वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर जमा हो गए. इस दौरान उन्होंने इस इलाके में तेजी से बिगड़ते मानवीय संकट की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की मांग की.
इस रैली में लगभग 100 लोग शामिल हुए, जिनमें महिलाएं, बच्चे और समुदाय के नेता भी थे. उन्होंने PoK की आम आबादी वाले इलाकों से पाकिस्तानी सैनिकों को हटाने की मांग की और आरोप लगाया कि सुरक्षा बल निहत्थे लोगों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल कर रहे हैं.
इंटरनेशनल कम्युनिटी से PAK को जवाबदेह ठहराने की मांग
वहीं, रणधीर जायसवाल ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि इंटरनेशनल कम्युनिटी पाकिस्तान में हो रहे इन गलत कामों और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराएगी.