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टैरिफ वॉर के बीच इस दिन हो सकती है पीएम मोदी-ट्रंप की मुलाकात, अगले महीने होगा ASEAN शिखर सम्मेलन

PM Modi Donald Trump ASEAN Summit: टैरिफ वॉर के बीच भारत और अमेरिका के बीच संबंध एक बार फिर बेहतर होने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को महान प्रधानमंत्री और दोस्त बताया है। पीएम मोदी ने भी इसका जवाब दिया है। अब दोनों देशों के नेता एक मंच पर मुलाकात कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात आसियान देशों की बैठक में संभव है। Credit-DD News

PM Modi Donald Trump ASEAN Summit: टैरिफ वॉर के चलते भारत और अमेरिका के रिश्तों में खटास आई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 'भारत को खो दिया' वाला बयान चर्चा में है। इसके बाद ट्रंप ने पीएम मोदी को दोस्त बताया तो प्रधानमंत्री ने भी इसका जवाब देकर कहा कि वह ट्रंप की भावनाओं की गहराई से कद्र करते हैं। अब लगने लगा है कि भारत-अमेरिका के बीच सबकुछ ठीक होने जा रहा है। अब जल्द ही दोनों 'दोस्त' एक मंच पर मिल सकते हैं। 

आसियान शिखर सम्मेलन में मुलाकात संभव 

दरअसल, अक्टूबर में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में ASEAN शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। ऐसे में पीएम मोदी-ट्रंप की मुलाकात संभव है। जानकारी के अनुसार, आसियान देशों की बैठक 26-28 अक्टूबर को कुआलालंपुर में होगी। इस सम्मेलन में ट्रंप की उपस्थिति की पुष्टि हो चुकी है। जबकि पीएम मोदी आमतौर पर आसियान की बैठक में हिस्सा लेते रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात 26 अक्टूबर को हो सकती है।

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क्या है आसियान शिखर सम्मेलन?

आसियान का अर्थ दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ है। दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन की ओर से साल में दो बार बैठक आयोजित की जाती है। इस बैठक में दक्षिण पूर्व एशिया के देश आपसी चर्चा करते हैं। इसमें राजनैतिक, आर्थिक समेत सुरक्षा और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है।

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भारत-अमेरिका के रिश्तों की नई शुरुआत

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फिर 25 प्रतिशत यानी कुल 50% टैरिफ लगा दिया। इससे कई इंडस्ट्रीज पर असर पड़ा और भारत का एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ। ट्रंप ने ये टैरिफ रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया। हालांकि इसके पीछे एक और वजह सामने आई। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पीएम मोदी के ट्रंप को शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट न करने के चलते ट्रंप ने चिढ़कर ये फैसला लिया, लेकिन जब SCO समिट में चीन-रूस और भारत के नेता एक साथ आए तो ट्रंप की हवाइयां उड़ गईं। अब वे रिश्तों की नई पहल करने में जुटे हैं। अब तनाव के बाद दोनों देशों के दिग्गज नेताओं को एक मंच पर देखना दिलचस्प होगा।


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