विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि WTO (विश्व व्यापार संगठन) जिस तरह से काम कर रहा है, उसमें कमी है। यहां तक कि इस समय संयुक्त राष्ट्र जिस तरह से काम कर रहा है, उसमें भी कमी है। ये स्पष्ट रूप से भारत और चीन जैसे दो देशों के साझा हित हैं, जो अंतरराष्ट्रीय, वाणिज्यिक, आर्थिक और वित्तीय मंच पर बड़े खिलाड़ी हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठक पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शी को 2026 में भारत द्वारा आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। राष्ट्रपति शी ने निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए चीन का पूर्ण समर्थन देने की पेशकश की।
watch तियानजिन, चीन: प्रधानमंत्री मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शी को 2026 में भारत द्वारा आयोजित BRIC शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। राष्ट्रपति शी ने निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री का… pic.twitter.com/L3Eoj6YAFJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 31, 2025
चीन में SCO की बैठक के दौरान राष्ट्रपति जिनपिंग के ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने अन्य देशों के राष्ट्रपति और पीएम का भी स्वागत किया। इसके बाद सभी देशों के प्रमुखों के साथ चीन के राष्ट्रपति ने एक ग्रुप फोटो भी खिचाई है। इस फोटो में एक ही मंच पर पीएम मोदी, जिनपिंग, पुतिन और शहबाज एक साथ दिखे।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि एससीओ शिखर सम्मेलन में मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली से मुलाकात की। कुछ साल पहले की अपनी मिस्र यात्रा याद आ गई। भारत-मिस्र मित्रता प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रही है।
चीन के तियानजिन में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 के औपचारिक स्वागत समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी का आधिकारिक स्वागत किया। एससीओ बैठक के पहले दिन की कार्यवाही शुरू हुई।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा कि सार्थक बैठक हुई। हमने कजान में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन संबंधों में आई सकारात्मक प्रगति की समीक्षा की। हम सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व पर सहमत हुए और आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता पर आधारित सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत में अगले साल 2026 में BRICS Summit होना है। इसमें शामिल होने के लिए पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को निमंत्रण दिया है। शी ने उसे स्वीकार कर लिया है। पीएम मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन में चीन की अध्यक्षता की तारीफ की।
चीन के तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने म्यांमार गणराज्य के वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग के साथ बैठक की।
विदेश मंत्रालय की तरफ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त 2025 को तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के नेताओं के शिखर सम्मेलन के अवसर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के महत्व पर जोर दिया।
दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष सफल सैन्य वापसी और उसके बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अपने समग्र द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में दोनों विशेष प्रतिनिधियों द्वारा अपनी वार्ता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की सराहना की और उनके प्रयासों को आगे भी समर्थन देने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिवालय की सचिव कै क्यूई के साथ बैठक की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के लिए मित्रता करना “सही निर्णय” है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि “ड्रैगन और हाथी” के बीच की साझेदारी एक-दूसरे की सफलता को संभव बनाती है। दो प्राचीन सभ्यताओं और विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों के रूप में भारत और चीन की कल्याण, एकजुटता और प्रगति को बढ़ावा देने की साझा जिम्मेदारी है। चीन और भारत पूर्व की दो प्राचीन सभ्यताएँ हैं। हम दुनिया के दो सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश हैं और वैश्विक दक्षिण के महत्वपूर्ण सदस्य भी हैं। दोनों देशों के लिए यह सही विकल्प है कि वे ऐसे मित्र बनें जिनके बीच अच्छे पड़ोसी और सौहार्दपूर्ण संबंध हों, ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता को संभव बनाएं और “ड्रैगन और हाथी” को एक साथ लाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO की अध्यक्षता के लिए चीन को बधाई दी और कहा कि पिछले साल सार्थक चर्चा हुई थी और हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली है। सीमा पर शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट फिर से शुरू हो रही है। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 बिलियन लोग जुड़े हुए हैं।
पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक करीब 40 मिनट तक चलने वाली है। दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव, व्यापार समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल हैं।
इंडोनेशिया में जकार्ता सहित कई जगहों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने इसकी वजह से चीन की अपनी तय यात्रा रद्द कर दी है। ये प्रदर्शन सांसदों की तनख्वाह के मुद्दे से शुरू हुए और तब बढ़ गए जब पुलिस वाहन ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। राष्ट्रपति ने स्थिति की निगरानी और हालात संभालने के आदेश दिए हैं। सरकार ने अफवाहें फैलाने वाले गलत सूचनाओं पर रोक के लिए सोशल मीडिया कंपनियों की मीटिंग बुलाई है।
चीन द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार को उत्तरी चीन के शहर तियानजिन पहुंचे। जहां वे अपने समकक्ष शी जिनपिंग द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में लगभग 20 अन्य विश्व नेताओं के साथ भाग लेंगे।
भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने SCO समिट के लिए चीन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को लेकर कहा है कि यह यात्रा चीन-भारत संबंधों में नई गति लाएगी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का चीन में हार्दिक स्वागत है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा चीन-भारत संबंधों में नई गति लाएगी।”
PM Modi SCO Summit China LIVE Updates: SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंच चुके हैं। इस बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक हुई है। उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति के साथ भी होने वाली है। अमेरिका-भारत के बीच चल रहे विवाद के बीच पीएम मोदी की विश्व नेताओं के साथ हो रही इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजर टिकी हुई है।
SCO बैठक में भारत के प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव, किर्गिज़ राष्ट्रपति सदिर जापारोव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन शामिल होने वाले हैं। यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट।
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