हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

ट्रंप की धमकी से नहीं डरा यूरोपीय संघ, रास आ रहा पीएम मोदी का साथ

अमेरिकी राष्ट्रपित ट्रंप के लिए यह झटका हो सकता है। लगातार रूसी तेल खरीदने वाले ट्रंप यूरोप को लगातार रूस और उससे तेल खरीदने वाले देशों से दूर रहने की चेतावनी दी है। लेकिन अब यूरोप का रुख भारत की तरफ हो रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को शांत कराने के लिए जतन करते दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए ट्रंप
रूसी और उसके तेल खरीदने वाले देशों को लगातार धमकी देते आ रहे हैं। उन्होंने यूरोप के देशों को भी रूसी तेल खरीदने वालों पर सख्ती बरतने को कहा था। यूरोप देशों को तुरंत रूस से तेल खरीद को रोकने पर तुरंत रोक लगाने को कहा था। ट्रंप का बड़ा निशाना भारत था। क्योंकि ट्रंप लगातार रूस से तेल खरीदने पर भारत से आपत्ति जताए हुए हैं। अब यूरोपीय संघ ने ट्रंप की धमकी को दरकिनार करते हुए भारत से संबंध बेहतर करने के लिए प्रयास किए। कहा कि यूरोप भारत को रूस के पाले में धकेलना नहीं चाहता।

व्यापार का दिया उदाहरण

व्यापार वार्ता के प्रभारी शेफोविच ने कहा कि पिछले दशक में यूरोपीय संघ और भारत के बीच व्यापार में 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे यह समूह भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। कहा कि यह अमेरिका और चीन से आगे है, साथ ही भारत के शीर्ष निवेशकों में से एक है। और फिर भी मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि हमने अभी केवल सतह को ही खरोंचा है।

यह भी पढ़ें: Arab NATO में कौन-कौन से देश? मिडिल ईस्ट के इस नए गुट से भारत को क्या नुकसान

विज्ञापन

अमेरिकी के अलावा जी7 पर दिया ध्यान

शेफोविच ने कहा कि हम न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ, बल्कि अन्य जी7 साझेदारों के साथ भी बहुत निकटता से समन्वय कर रहे हैं, क्योंकि हमारा मानना ​​है कि यदि जी7 भी इसी प्रकार कार्य करता है, तो इसका प्रभाव और भी अधिक मजबूत होगा।

रूस के साथ अभ्यास पर जताया एतराज

हाल ही में भारतीय सेनाओं ने बेलारूस में रूस के जैपद (पश्चिमी) सैन्य अभ्यास में भाग लिया, जो नाटो देशों के साथ युद्ध जैसा था। इस पर एस्टोनिया से आने वाले कैलास देश ने एतराज जताया है। कैलास यूरोपीय संघ के अग्रिम पंक्ति के देशों में से एक है। उसने इस अभ्यास को रूसी हमले के प्रति संवेदनशील माना जाता है। कहा कि यह हमारे देशों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। मेरा मतलब है कि अगर आप (भारत) हमारे साथ घनिष्ठ संबंध चाहते हैं, तो ऐसे अभ्यासों में भाग क्यों लें जो हमारे अस्तित्व के लिए खतरा हैं?

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: ‘यूरोप मेरा मित्र है, लेकिन….’, ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने पर दी चेतावनी

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola