Cathay Pacific Flight 700Z Crash: 29 हजार फीट की ऊंचाई पर करीब 600 मील प्रति घंटे की रफ्तार से जहाज फ्लाई कर रहा था। अचानक जोरदार धमाका हुआ और जहाज में आग लग गई। जहाज 3 टुकड़ों में बंट गया। उसमें सवार सभी 71 पैसेंजर और 10 क्रू मेंबर्स मारे गए। हादसा आज से 52 साल पहले हुआ था। कैथे पैसिफिक फ्लाइट 700Z सिंगापुर से हांगकांग के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन किसी की साजिश का शिकार हो गई। UK सिविल एविएशन अथॉरिटी और हांगकांग पुलिस की जांच में पता चला कि जहाज में बम ब्लास्ट हुआ था।
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जांच में 2 लोगों के सुसाइड बॉम्बर बनने का खुलासा
बैंकॉक पोस्ट के पत्रकार ने हादसे की 6 साल रिपोर्टिंग की और खुलासा हुआ कि एक पुलिस अधिकारी सोमचाई चायासुत की मंगेतर और बेटी जहाज में सवार थे, जिन पर जहाज में बम ब्लास्ट करने का आरोप लगा। सोमचाई चायासुत ने अपनी मंगेतर और बेटी के लिए 3 टूर इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी, लेकिन सबूतों के अभाव में सोमचाई चायासुत को दोषी नहीं ठहराया गया। उसने तीनों पॉलिसी के 5.5 मिलियन ($180,000 अमेरिकी डॉलर) बीमा कंपनियों से वसूले। 1985 में कैंसर से उसकी मौत हो गई, लेकिन कभी यह साबित नहीं हो पाया कि उसकी मंगेतर और बेटी सुसाइड बॉम्बर क्यों बनीं कि अपने साथ-साथ उन्होंने 81 लोगों की भी जान ले ली।
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जहाज का मलबा जंगल में 3 टुकड़ों में मिला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैथे पैसिफिक एयरलाइन का कॉनवेयर CV-880 प्लेन 15 जून 1972 की दोपहर को दक्षिण वियतनाम में हादसे का शिकार हुआ था। हादसे का कारण विस्फोटक सामग्री मानी गई, जिसे लेकर आरोपी प्लेन के अंदर थे। फ्लाइट 700Z ने सिंगापुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। जहाज को हॉन्गकॉन्ग में काई टैक हवाई अड्डे पर लैंड होना था। फ्लाइट रास्ते में बैंकॉक के डॉन मुआंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रुकी, लेकिन वहां से उड़ान भरने के बाद जहाज में बम ब्लास्ट हो गया। जहाज का मलबा एक जंगल में मिला। मलबे के फैलाव से पता चला कि जहाज 3 टुकड़ों में बंट गया था।
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कई पैसेंजरों की लाशें बरामद नहीं हुईं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जमीन से टकराने से पहले विंगबॉक्स के सामने और पीछे के हिस्से में ब्रेकपॉइंट थे। मलबे को हेलीकॉप्टरों से दूर से देखा जा सकता था, लेकिन युद्ध के कारण मलबे तक पैदल नहीं पहुंचा जा सकता था। प्लेन के डेटा रिकॉर्डर को बरामद किया गया, जिससे पता चला कि जहाज 310 नॉट्स (570 किमी/घंटा) की गति से 29,000 फीट (8,800 मीटर) की ऊंचाई पर उड़ रहा था। 30 सेकेंड के अंदर जहाज में धमाका हुआ और वह क्रैश हो गया। कई पैसेंजरों की लाशें बरामद ही नहीं हुईं, लेकिन डेटा रिकॉर्डर से पता चला कि विस्फोटक पायलटों के केबिन के आस-पास प्लांट किया गया था।
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