Petrol Diesel Price: देशभर के करोड़ों वाहन मालिकों के लिए 15 मई की सुबह एक झटके भरी खबर लेकर आई है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते भारतीय तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है. दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. इसी तरह मुंबई में पेट्रोल 106.64 रुपये और कोलकाता में 108.74 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. यह पिछले चार सालों में तेल की कीमतों में की गई सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी मानी जा रही है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब और माल ढुलाई की लागत पर पड़ने वाला है.

दुनिया में कहां मिलता है सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल?

अगर वैश्विक स्तर पर देखें तो आज भी कुछ देशों में पेट्रोल की कीमतें पानी से भी कम हैं. दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल वर्तमान में लीबिया, ईरान और वेनेजुएला जैसे तेल उत्पादक देशों में मिल रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार लीबिया में पेट्रोल की कीमत भारतीय मुद्रा के हिसाब से महज कुछ रुपये प्रति लीटर है. लीबिया में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹2.30, ईरान में ₹2.78 और वेनेजुएला में ₹3.35 के आसपास है. इन देशों में भारी सरकारी सब्सिडी के कारण ईंधन बहुत सस्ता है. इन देशों के पास अपना विशाल तेल भंडार है और वहां की सरकारें अपने नागरिकों को बेहद कम दामों पर ईंधन उपलब्ध कराती हैं. इसके विपरीत हांगकांग जैसे देशों में पेट्रोल की कीमतें दुनिया में सबसे ज्यादा हैं, जहां एक लीटर के लिए लोगों को भारी भरकम रकम चुकानी पड़ती है.

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पाकिस्तान और चीन में पेट्रोल-डीजल का रेट क्या है?

भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान में भी तेल की कीमतों में जबरदस्त आग लगी हुई है. आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में हाल ही में की गई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 414.78 रुपये (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. वहां डीजल की कीमतें भी इसी के आसपास बनी हुई हैं, जिससे आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है. वहीं दूसरी ओर चीन में पेट्रोल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार स्थिर बनी हुई हैं, वहां फिलहाल भारतीय मुद्रा के हिसाब से पेट्रोल करीब 90 से 95 रुपये प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है. चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से होने वाली तेल सप्लाई पर काफी निर्भर है, जिससे उसे कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है.

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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का क्या है कारण?

पेट्रोल और डीजल के दामों में अचानक आई इस तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई में आई बाधा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और प्रमुख समुद्री रास्तों पर तनाव की वजह से कच्चा तेल महंगा हो गया है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाली जरा सी हलचल भी घरेलू कीमतों पर बड़ा असर डालती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में आम जनता को और भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और महंगाई को काबू में करने पर है ताकि लोगों को और अधिक बोझ न उठाना पड़े.

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