US Iran Tension New Update: अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव पर वॉल स्ट्रीट जर्नल कर रिपोर्ट पर बवाल मचा हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान पर हमला न करने का आग्रह किया है। पेंटागन ने ईरान के खिलाफ चलने वाले अमेरिका के लंबे सैन्य अभियान के नतीजों को लेकर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि ईरान पर हमले से अमेरिका और उसके सहयोगियों को भारी नुकसान होगा।
पेंटागन ने ईरान पर हमले का विरोध किया
वाशिंगटन पोस्ट में भी ऐसी ही रिपोर्ट छपी है, जिसमें दावा किया गया था कि जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के वाइस चेयरमैन जनरल डैन केन ने ईरान के खिलाफ लंबी अवधि तक चलने वाली अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने पेंटागन के आंतरिक सलाहकार के साथ मीटिंग में ईरान के खिलाफ लंबे सैन्य अभियान के जोखिमों की चेतावनी दी थी, जबकि WSJ ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि वे रणनीतिक धैर्य रखने की वकालत कर रहे हैं।
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ट्रंप ने दोनों मीडिया रिपोर्ट को फर्जी बताया
उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमला करने से अमेरिका और उसके सहयोगियों को भारी नुकसान हो सकता है। हवाई सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और सेना पर भी बहुत ज्यादा दबाव पड़ सकता है। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों अखबारों में छपी खबरों को फर्जी करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ईरान के साथ किसी समझौते को प्राथमिकता देंगे, लेकिन हमले का अंतिम फैसला भी उनका ही होगा। अगर ईरान से समझौता नहीं हुआ तो हमला होगा।
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युद्ध से पहले समझौते को पहली पसंद बताया
ट्रंप का कहना है कि पेंटागन ने उन्हें ईरान पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी है, यह खबर 100% गलत है। ईरान के साथ संभावित युद्ध के बारे में जो कुछ भी मीडिया रिपोर्ट में लिखा गया है, वह सब गलत है, फर्जी है और जानबूझकर लिखा गया है। अगर अमेरिकी सेना ईरान के साथ युद्ध करती भी है तो यह एक ऐसा युद्ध होगा, जिसे आसानी से जीता जा सकेगा, लेकिन युद्ध का फैसला लेने वाला मैं हूं। युद्ध के फैसले से पहले भी मैं समझौता करना पसंद करूंगा।