पाकिस्तानी सेना ने तोरखम बॉर्डर पर एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए अफगान तालिबान के एक शीर्ष कमांडर को मौत के घाट उतार दिया है. इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि सरहद पर भारी गोलीबारी जारी है. पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने रात भर चले एक बड़े ऑपरेशन के दौरान अफगान तालिबान के कुल 67 लड़ाकों को मार गिराया है. अधिकारियों के अनुसार मंगलवार की सुबह दक्षिण-पश्चिम सीमा पर लड़ाकों द्वारा 16 अलग-अलग जगहों पर किए गए हमलों को नाकाम कर दिया गया जिससे तालिबान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

पाकिस्तानी सूचना मंत्री का बड़ा दावा

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने 26 फरवरी से शुरू किए गए सैन्य अभियान 'गजब लिल हक' के बारे में अहम जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि यह अभियान अफगान तालिबान द्वारा की गई उकसावे वाली हरकतों के जवाब में शुरू किया गया था. तरार के दावों के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से सटे सीमावर्ती इलाकों में रात भर चली कार्रवाई में तालिबान के 40 लड़ाके मारे गए हैं. पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि यह हमला तालिबान के उन ठिकानों पर किया गया जहां से वे पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसपैठ करने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे.

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बॉर्डर पर 12 ठिकानों पर भीषण गोलीबारी

सूचना मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अफगान लड़ाकों ने एक स्थान पर सीधा हमला करने की कोशिश की थी जबकि 12 अन्य जगहों पर लगातार गोलीबारी की गई. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी बड़े जानमाल के नुकसान के इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया है. खैबर पख्तूनख्वा के साथ-साथ उत्तरी बलूचिस्तान के किला सैफुल्लाह, नोश्की और चमन जिलों में भी अफगान तालिबान ने 16 जगहों पर सीधे हमले किए थे. पाकिस्तानी सैनिकों पर 25 अलग-अलग स्थानों से फायरिंग की गई जिसका करारा जवाब देते हुए सेना ने बलूचिस्तान सीमा पर 27 और तालिबानी लड़ाकों को ढेर कर दिया.

सैन्य नुकसान और भविष्य की आशंकाएं

इस भीषण संघर्ष में पाकिस्तान को भी नुकसान उठाना पड़ा है. सूचना मंत्री के अनुसार अर्धसैनिक फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान नॉर्थ का एक जवान इस लड़ाई में मारा गया है जबकि पांच अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस समय सीमा पर दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे इलाके में रहने वाले आम लोगों के बीच दहशत का माहौल है. पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि उसकी ओर से 'गजब लिल हक' अभियान अभी जारी रहेगा और सीमा पार से होने वाली किसी भी हरकत का मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा. आने वाले दिनों में यह तनाव एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है जिससे क्षेत्रीय शांति को बड़ा खतरा पैदा हो गया है.