Indus Waters Treaty: मानसून के सीजन में पाकिस्तान पर पानी का बड़ा संकट मंडरा रहा है, जिससे वहां की सरकार से लेकर सेना तक बौखला गई है. सिंधु जल समझौते को लेकर अब पाकिस्तान ने भारत को सीधे तौर पर 'युद्ध' की धमकी दे डाली है. पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को स्थगित कर दिया है. तब से भारत ने पाकिस्तान को मानसून के दौरान मिलने वाली बाढ़ की चेतावनी और पानी से जुड़े डेटा देना बंद कर दिया है.
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पाकिस्तान सेना और बिलावल भुट्टो के बिगड़े बोल
पाकिस्तान के नागरिक प्रशासन के बाद अब वहां की सेना ने भी भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पाकिस्तानी सेना के चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अगुवाई में हुई 'कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस' में कहा गया कि वे अपने हिस्से का पानी लेने के लिए 'हर जरूरी कदम' उठाएंगे. इससे पहले पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) ने प्रस्ताव पास किया था कि भारत द्वारा पानी रोकना 'युद्ध की कार्रवाई' माना जाएगा.
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दूसरी तरफ, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें वे एक जनसभा में भारत पर पानी को हथियार बनाने का आरोप लगा रहे हैं. बिलावल ने कहा, "सिंधु जल समझौते पर कोई समझौता नहीं होगा. अगर हमें भारत से युद्ध लड़ना पड़ा, तो हम लड़ेंगे."
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भारत का रुख साफ: आतंकवाद और समझौता साथ नहीं चल सकते
पाकिस्तान की इन धमकियों पर भारत ने बेहद सख्त और स्पष्ट जवाब दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को पाकिस्तान को पूरी तरह और हमेशा के लिए बंद करना होगा. भारत का रुख शुरू से साफ रहा है कि ज़मीनी हकीकतों और आतंकवाद को नजरअंदाज करके कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता अकेले नहीं चल सकता.
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पानी के लिए क्यों तड़प रहा है पाकिस्तान?
1960 में हुए इस समझौते के तहत सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों का पानी पाकिस्तान को मिलता है. पाकिस्तान की 80 से 90 फीसदी खेती पूरी तरह सिंधु नदी तंत्र पर निर्भर है. इस समय पाकिस्तान के सबसे बड़े बांध 'तरबेला' और 'मंगला' सूखने की कगार पर हैं और उसके पास एक महीने का पानी भी जमा रखने की क्षमता नहीं है. वहीं दूसरी ओर, भारत इस क्षेत्र में सवलकोट और रतले जैसी कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है, जिससे पाकिस्तान पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया है.
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