पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया ने किया रक्षा समझौता, क्या भारत के लिए है टेंशन की बात?

कतर के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह समझौता संयुक्त सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

Badr Agreement

समझौते में एक सदस्य देश पर हमले को सभी सदस्य देशों पर हमला मानने का प्रावधान बताया गया था. (Photo- X/@leventkemaI)

पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने और सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. बुधवार को कतर की राजधानी दोहा में हुए इस समझौते को ‘बद्र’ नाम दिया गया है. इसका उद्देश्य चारों देशों के बीच रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण, अनुसंधान और संयुक्त उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. इस घटनाक्रम को भारत के रणनीतिक हितों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान और तुर्किये के बीच पहले से ही रक्षा क्षेत्र में सहयोग रहा है.

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‘बद्र’ ही क्यों रखा गया समझौते का नाम?

तुर्किये के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ‘बद्र’ समझौता ज्ञापन पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, तुर्किये के रक्षा मंत्री यासर गुलेर, कतर के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा राज्य मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुलरहमान और इंडोनेशिया के उप रक्षा मंत्री यूसुफ जौहारी ने हस्ताक्षर किए. कतर के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह समझौता संयुक्त सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से इस समझौते पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई. ‘बद्र’ नाम उस स्थान से जुड़ा प्रतीत होता है, जहां इस्लाम के शुरुआती दौर में मुस्लिम समुदाय और मक्का के कबीलों के बीच पहली बड़ी लड़ाई हुई थी.

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भारत के लिए कितनी बढ़ सकती है चुनौती?

भारत के लिए इस समझौते का प्रमुख महत्व पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव में है. अगर चारों देशों के बीच तकनीक, प्रशिक्षण और रक्षा उत्पादन में सहयोग गहराता है, तो पाकिस्तान को अपनी सैन्य तैयारियां बेहतर करने में मदद मिल सकती है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अगस्त में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें सामने आई थीं. उस समझौते में एक सदस्य देश पर हमले को सभी सदस्य देशों पर हमला मानने का प्रावधान बताया गया था.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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