मिडिल ईस्ट युद्ध का आज 8वां दिन है। इस युद्ध का पाकिस्तान पर असर होने लगा है। पहले से कंगाल पाकिस्तान अब और कंगाली की तरफ बढ़ने लगा है। पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसी बीच फिर शाहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रति लीटर 55 पाकिस्तानी रुपये बढ़ा दीं। इससे पाकिस्तानी पर मंहगाई का बुरा असर हुआ है।
मिडिल ईस्ट जंग का पाक पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान में पेट्रोल डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस तरह से कहें कि पाकिस्तान फ्यूल संकट में डूब गया है। शाहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रति लीटर 55 पाकिस्तानी रुपये बढ़ा दीं हैं। सरकार ने इसके पीछे वैश्विक तेल मूल्यों का हवाला दिया है। पूरे पाकिस्तान में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और दहशत में खरीदारी की जा रही है।
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: ‘पड़ोसियों, सॉरी….’, ईरान का गल्फ देशों पर हमले रोकने का ऐलान, दुश्मनों को चेतावनी
---विज्ञापन---
बता दें कि जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के पास अभी तक महज 26 दिन का फ्यूल बचा है। कम फ्यूल के चलते पाक में वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन क्लास का आदेश जारी कर दिया गया है। फ्यूल पर बढ़ी नई कीमतें शनिवार को रात 12 बजे से लागू होंगी। पाकिस्तान में कीमतें बढ़ने के बाद डीजल का भाव 335.86 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल का रेट 321.17 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
मामले में पाक के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब के साथ एक प्रेस वार्ता कर इसका ऐलान किया था। अली मलिक ने कहा कि था कि मिडिल ईस्ट जंग पर बात करते हुए कहा कि यह संघर्ष सीमा पार कर चुका है। इसकी वजह पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें आसमान छू रही हैं। अली ने यह भी कहा कि विभिन्न उत्पादों की कीमतों में 50 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट जंग में पाकिस्तान की एंट्री? सऊदी अरब क्यों पहुंचे आर्मी चीफ मुनीर