अमेरिका-इजरायल जंग में क्षेत्रीय मध्यस्थता के दावेदार होने का दावा करने वाले पाकिस्तान को ईरान ने बड़ा झटका दिया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान से जुड़े SELEN नाम के कंटेनर जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. IRGC नेवी कमांडर अलिरेजा तंगसीरी ने खुद इसकी पुष्टि की है. SELEN जहाज कानूनी प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर पाया और उसके पास ट्रांजिट परमिशन नहीं थी. IRGC नेवी के जवानों ने इसे रोककर वापस भेज दिया.

यह घटना तब हुई जब अमेरिका-इजरायल संघर्ष के कारण ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कड़ी निगरानी बढ़ा रखी है और हर जहाज को पहले अनुमति लेनी पड़ रही है. ईरान का साफ संदेश है — होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए पूरी तरह समन्वय और अनुमति जरूरी है. बिना परमिशन के कोई भी जहाज गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे रोका जाएगा.

---विज्ञापन---

पाकिस्तान के लिए क्यों है बड़ा झटका?

पाकिस्तान खुद को क्षेत्रीय मध्यस्थता का दावेदार बताता रहा है, लेकिन इस घटना ने उसके दावों पर पानी फेर दिया. कुछ दिनों पहले पाकिस्तानी तेल टैंकर ‘कराची’ को ईरान ने अनुमति देकर गुजरने दिया था, जिसे पाकिस्तान अपनी कूटनीतिक जीत बता रहा था. लेकिन SELEN कंटेनर जहाज के मामले में ईरान ने सख्ती दिखाई और बिना परमिशन के जहाज को वापस भेज दिया. यह घटना साबित करती है कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का पूरा नियंत्रण है और वह केवल उन जहाजों को अनुमति दे रहा है जो उसके नियमों का सख्ती से पालन करें. पाकिस्तान के जहाज को भी बिना अनुमति के कोई छूट नहीं मिली.

---विज्ञापन---

बिना कोऑर्डिनेशन कोई जहाज नहीं गुजरने देंगे

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. दुनिया का 20% से ज्यादा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है. ईरान ने चेतावनी दी है कि बिना कोऑर्डिनेशन के कोई जहाज गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे रोका या निशाना बनाया जा सकता है