पाकिस्तान के सरगोधा की एक विशाल और बंद पड़ी हवेली की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इसकी भव्य बनावट, ऊंचे दरवाजे, लकड़ी की पुरानी खिड़कियां और नक्काशीदार दीवारें लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं. आसपास के मकानों की तुलना में यह इमारत काफी बड़ी नजर आती है, इसलिए लोग इसे प्री-पार्टिशन आर्किटेक्चर का बेहतरीन नमूना भी बता रहे हैं.
वीडियो शेयर करने वाले का दावा है कि यह हवेली 1947 के बंटवारे से पहले एक हिंदू और सिख परिवार थी. विभाजन के दौरान परिवार भारत चला गया और उसके बाद यह इमारत कभी आबाद नहीं हुई. हालांकि वीडियो में इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या फिर कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं दिखाया गया है.
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किसने शेयर की ये वीडियो?
मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर यह वीडियो पाकिस्तान की ट्रैवल और हेरिटेज कंटेंट क्रिएटर लरैब जहरा (@laraibexplores) ने शेयर किया है. वह पाकिस्तान की ऐतिहासिक इमारतों और भूली-बिसरी विरासत को अपने वीडियो के जरिए डॉक्यूमेंट करती हैं. सरगोधा की इस हवेली का वीडियो भी उनके ऐसे ही हेरिटेज कंटेंट का हिस्सा है.
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सोशल मीडिया पर लोगों ने दिया रिएक्शन
सोशल मीडिया पर इस हवेली की वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने अलग-अलग रिएक्शन दिए. कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसी ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित किया जाना चाहिए. कुछ लोगों का कहना है कि इस हवेली को संग्रहालय में बदल देना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां बंटवारे के इतिहास को करीब से समझ सकें. वहीं कुछ यूजर्स ने इसे सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बंटवारे के दौर की एक खामोश गवाही बताया.
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हालांकि अभी तक ये नहीं पता चल सका है कि असल में इस हवेली का मौजूदा मालिक आखिर है कौन और इसका पूरा इतिहास क्या है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर बंटवारे, विस्थापन और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की बहस छेड़ दी है.
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