आतंकी हमले के बाद कई महीने पहले भारत ने पाकिस्तान के आतंकियों पर ऑपरेश सिंदूर लॉन्च किया था। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। साल बीत गया लेकिन पड़ोसी मुल्क अभी तक उस सदमे से बाहर नहीं निकल पाया है। दोनों देशों में कुछ ही दिन सीजफायर हो गया। पहले पाकिस्तान ने इस सीजफायर का क्रेडिट अमेरिका को दिया था लेकिन अब पाकिस्तान चीन की गोद में चला गया है। हालांकि भारत शुरुआत से ही सीजफायर में तीसरे देश के हस्तक्षेप से इंकार कर रहा है।
बता दें कि मई 2025 में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इससे दोनों देशों में सैन्य संघर्ष हुआ था। कुछ दिन के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया। इस सीजफायर का श्रेय के लेने के लिए अन्य देशों में होड मच गई। पहले अमेरिका ने दावा किया, पाकिस्तान ने उससे सहमति जताई। हाल ही में चीन ने भी ऐसा दावा किया था, अब पाकिस्तान ने चीन के दावे को सच बताया है।
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अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमीनेशन फाइल किया था। इसको पुख्ता करने के लिए ट्रंप ने भारत-पाक से संघर्ष में सीजफायर का दावा किया था। इस दावा का पाकिस्तान ने साथ दिया था। ट्रंप चाहते थे कि पाकिस्तान की तरह भारत भी सीजफायर का क्रेडिट ट्रंप को दे लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया। भारत-पाकिस्तान के साथ ही ट्रंप ने दुनिया में 7 अन्य युद्ध रुकवाने का दावा किया था। हालांकि इन सबके बावजूद भी ट्रंप को नोबेल पीस पुरस्कार नहीं मिल पाया था।
राष्ट्रपति ट्रंप के दावे का मकसद तो साफ था कि उन्हें नोबेल पीस पुरस्कार चाहिए था। अब चीन के दावे ने नया मोड ला दिया। देखना है कि चीन सीजफायर का क्रेडिट लेकर क्या हासिल करना चाहता है। इसके पीछे पाकिस्तान को साथ लेकर चीन की क्या नई चाल हो सकती है।
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