Cross Border Terrorism: आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा संयुक्त रुप से पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किए जाने से पड़ोसी मुल्क में खलबली मच गई है। बाइडेन और मोदी ने कहा कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी-भारत के संयुक्त बयान के एकतरफा और भ्रामक करार दिया है। यह भी कहा कि इस्लामाबाद का संदर्भ देना राजनयिक मानदंडो के विपरीत है। साथ ही इसके राजनीति निहितार्थ हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बेजोड़ बलिदान दिया है। अपनी जान देकर हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सशस्त्र बलों ने एक मिसाल कायम की है। इस लड़ाई में पाकिस्तान के लोग असली हीरो हैं।’ उधर, गहरी दोस्ती के बावजूद चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने पाकिस्तानी सेना को आतंकवाद पर अपनी जीरो टॉलरेंस कार्रवाई जारी रखने का आग्रह किया है।
एक बार अलापा कश्मीर राग
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के प्रयासों और बलिदानों को बार-बार मान्यता दी है। यह लंबे समय से निष्कर्ष निकाला गया है कि आतंकवाद को ठोस और सहयोगात्मक कार्रवाइयों के माध्यम से हराया जा सकता है। बयान से पता चलता है कि सहयोग की भावना, जो आतंकवाद के संकट को हराने के लिए बेहद जरूरी थी, को भू-राजनीतिक विचारों की वेदी पर बलिदान कर दिया गया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा। कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी लोगों के क्रूर दमन और अपने अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार से ध्यान हटाने के लिए आदतन आतंकवाद का सहारा लेता है। ऐसे में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई पर कोई भी आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है।
रक्षा क्षेत्र में अमेरिकी सहयोग से बौखलाया पाकिस्तान
रक्षा के क्षेत्र में अमेरिकी सहयोग से पाकिस्तान बौखला गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान भारत को उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों के योजनाबद्ध हस्तांतरण को लेकर भी काफी चिंतित है। इस तरह के कदम क्षेत्र में सैन्य असंतुलन को बढ़ावा दे रहे हैं और रणनीतिक स्थिरता को कमजोर कर रहे हैं। वे दक्षिण एशिया में टिकाऊ शांति के उद्देश्य को प्राप्त करने में अप्रभावी बने हुए हैं।
हम अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से आग्रह करते हैं कि वे दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर समग्र और वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण अपनाएं और एकतरफा रुख का समर्थन करने से बचें।
भारत-अमेरिका ने पाकिस्तान को दी ये चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पीएम मोदी ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकवादी छद्मों के उपयोग की कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कट्टरवाद और आतंकवाद के गंभीर खतरे के बारे में बात की। प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों वाले संदेश में कहा, आतंकवाद से निपटने में कोई किंतु-परंतु नहीं हो सकता। 9/11 के दो दशक से अधिक समय और मुंबई में 26/11 के एक दशक से अधिक समय बाद, कट्टरवाद और आतंकवाद अभी भी पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। ये विचारधाराएं नई पहचान और रूप लेती रहती हैं लेकिन उनके इरादे वही हैं।
सीमा पार आतंकवाद और भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत और अमेरिका दोनों के सामने आने वाली चुनौतियां और दोनों देशों को सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों को कम करने के लिए क्या करने की आवश्यकता है।
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