Pakistan Protest And Violence: मिडिल ईस्ट में फैली युद्ध की आग पाकिस्तान तक पहुंच गई है। इजरायल-अमेरिका के जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत से पाकिस्तान का शिया समुदाय आक्रोशित है। अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में हिंसा भड़क गई। आक्रोशित लोगों ने कराची में अमेरिकी दूतावास को आग लगा दी। आज भी पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं।
गिलगित समेत कई शहरों में इंटरनेट बंद
वहीं पाकिस्तान में कल से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। US एंबेसी ने अपने सभी वीजा अपॅाइंटमेंट रद्द कर दिए हैं, यानी दूतावास का काम ठप हो गया है। जर्मन दूतावास का कामकाज भी ठप हो चुका है। कई शहरों में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई। कराची, इस्लामाबाद, लाहौर के अलावा गिलगित में भी अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। हालातों को देखते हुए गिलगित में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लोग सड़कों पर हैं और हिंसा होने की आशंका है।
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खामेनेई की मौत से भड़का शिया समुदाय
बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में शिया समुदाय सड़कों पर उतरा और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। शिया मुस्लिम समुदाय के लोग खामेनेई को धार्मिक और राजनीतिक नेता मानते हैं, लेकिन अपने नेता की मौत से भड़के लोग कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर एकजुट हो गए।। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका मुदार्बाद और इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अमेरिकी दूतावास के अंदर घुसने की कोशिश की।
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सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मारे गए लोग
दूतावास में तैनात अमेरिकी सेना और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो वे भड़क गए। लोगों ने तोड़ फोड़ और आगजनी की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों का दमन करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। रबर बुलेट्स का भी इस्तेमाल किया। हालात कंट्रोल में नहीं आए तो मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इसकी गोलीबारी में कराची में करीब 16 लोगों की मौत हुई। इस्लामाबाद में भी हिंसक प्रदर्शन और आगजनी में लोगों ने अपनी जान गंवाई।
सोमवार सुबह गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। यहां पर भी हिंसक टकराव में कई लोगों की मौत हुई।