राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोबाल का दांव सफल माना जा रहा है। गत 6 फरवरी को अजित डोभाल ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कनाडा का दौरा किया था। इस दौरान ओटावा में डोभाल ने पीएम की उप सचिव और कनाडा के एनएसए से मुलाकात की। इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा की योजना बनी। भारत यात्रा से ठीक पहले कनाडा सरकार ने पाकिस्तान मूल के आतंकी तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने का फैसला किया है।
बता दें कि तहव्वुर राणा फिलहाल भारत की जेल में है। उसे अप्रैल 2025 में अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। वर्तमान में वह NIA की हिरासत में मुंबई हमले की साजिश रचने के आरोपों का सामना कर रहा है। कनाडा ने यह कार्रवाई आतंकवाद के आधार पर नहीं - बल्कि नागरिकता आवेदन पत्र में गलत जानकारी देने के कारण की है।
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जानकारी के अनुसार, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। पीएम कार्नी 7 मार्च तक भारत में रहेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। पिछली सरकार के कार्यकाल में तनावपूर्ण संबंधों के बाद कनाडा के किसी नेता की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। पीएम कार्नी मुंबई में व्यापारिक नेताओं से भेंट के साथ अपनी यात्रा शुरु करेंगे। वे 2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे।
दोनों नेता स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए वार्ता को गति देना है। इस व्यापार समझौता को एक वर्ष में अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसका महत्वाकांक्षी लक्ष्य वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना करके 50 अरब डॉलर से अधिक करना है।
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