यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरिया रूस में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है. दक्षिण कोरिया का ये दावा ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि उत्तर कोरिया रूस की मदद के लिए करीब 50,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने इस दावे को खारिज कर दिया था. इसके बावजूद सियोल का कहना है कि प्योंगयांग और मॉस्को के बीच सैन्य सहयोग लगातार जारी है.

रूस को दिए गए तोप के गोले?

दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरिया रूस को बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री उपलब्ध करा रहा है. अनुमान है कि रूस को 152 मिमी के 1.5 करोड़ से अधिक तोप के गोले दिए जा चुके हैं. इसके अलावा कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति भी जारी है. उत्तर कोरिया की रूस में सैन्य मौजूदगी नई बात नहीं है. 2024 में प्योंगयांग ने करीब 14,000 सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में भेजे थे. इन सैनिकों ने यूक्रेनी सेना के खिलाफ रूसी अभियानों में हिस्सा लिया था. बाद में रूस और उत्तर कोरिया दोनों ने सैनिक सहयोग की पुष्टि की थी.

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तैनात होगी उत्तर कोरिया की ह्वासोंग-12 मिसाइल?

इसी बीच उत्तर कोरिया की ह्वासोंग-12 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को तैनाती के लिए तैयार किया जा रहा है. यह मिसाइल अमेरिकी क्षेत्र गुआम तक पहुंचने की क्षमता रखती है. उत्तर कोरिया की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (Intercontinental ballistic missiles) अमेरिका की धरती तक भी पहुंचने की क्षमता रखती हैं, हालांकि उनके वॉरहेड की वास्तविक री-एंट्री क्षमता अभी पूरी तरह साबित नहीं हुई है. इससे पहले अगस्त में यूक्रेनी खुफिया अधिकारियों ने यह भी दावा किया था कि उत्तर कोरिया की एक मिसाइल इकाई पश्चिमी रूस में तैनात की जा रही है. उसके पास लगभग 120 बैलिस्टिक मिसाइल और छह लॉन्चर होने की संभावना जताई गई थी.

मिसाइलों को किया गया अपग्रेड

मिली जानकारी के अनुसार, युद्ध में इस्तेमाल की गई उत्तर कोरियाई मिसाइलों की सटीकता में पहले की तुलना में सुधार हुआ है. माना जा रहा है कि युद्धक्षेत्र से मिले आंकड़ों और रूस से मिले तकनीकी सहयोग ने इसे सुधारने में मदद की है. मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरिया कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों और मल्टीपल रॉकेट लॉन्चरों का काम लगभग पूरा ही होने वाला है. इन हथियारों को दक्षिण कोरिया के साथ संभावित सैन्य संघर्ष में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है. इनमें ह्वासोंग-12 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल है.

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