ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक नई और बड़ी रणनीतिक चाल चलने के संकेत दिए हैं. नेतन्याहू का कहना है कि वे क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण देशों के साथ मिलकर एक नया और शक्तिशाली गठबंधन तैयार कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने अभी तक उन देशों के नामों का खुलासा नहीं किया है लेकिन उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपना सैन्य ऑपरेशन खत्म कर सकता है. इजरायली प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि ईरान के शासन के खिलाफ उनका अभियान अभी अधूरा है और वे इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे.
ईरानी शासन की जड़ें हिलाने का इजरायली दावा
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मंगलवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरानी शासन की नींव को हिलाकर रख दिया है. उन्होंने दावा किया कि अयातुल्ला शासन ने इजरायल को मिटाने के लिए पिछले कई सालों में लगभग एक ट्रिलियन डॉलर खर्च किए थे जो अब पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. नेतन्याहू के मुताबिक ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता अब भारी दबाव में है और इजरायल ने इन दो बड़े खतरों पर कड़ा प्रहार किया है. इजरायली नेतृत्व को उम्मीद है कि यह शासन देर-सवेर ढह जाएगा और नए क्षेत्रीय गठबंधन इस प्रक्रिया को और तेज करेंगे. यह गठबंधन अरब देशों के साथ इजरायल के बदलते समीकरणों की ओर भी बड़ा इशारा कर रहा है.
यह भी पढ़ें: ‘2-3 हफ्तों में पीछे हट जाएगी सेना…’, जंग के बीच ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, होर्मुज को लेकर क्यों बदला प्लान?
ट्रंप का मिशन खत्म करने और तेल की कीमतें घटाने का प्लान
दूसरी ओर वाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख नेतन्याहू से थोड़ा अलग और अमेरिका केंद्रित नजर आ रहा है. जब उनसे बढ़ती तेल की कीमतों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे बहुत जल्द ईरान से अपनी सेना बाहर निकाल लेंगे जिससे ईंधन के दाम धड़ाम से नीचे गिर जाएंगे. ट्रंप का मानना है कि इस ऑपरेशन को पूरा करने के लिए अब सिर्फ दो हफ्ते या कुछ दिनों का समय ही बाकी रह गया है. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अमेरिका का यह फैसला ईरान के साथ किसी नई डील पर निर्भर नहीं है. ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि वे अब इस युद्ध को और ज्यादा लंबा खींचने के मूड में नहीं हैं और घरेलू आर्थिक मुद्दों पर ध्यान देना चाहते हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य और देशों की अपनी सुरक्षा का जिम्मा
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अब दुनिया के अन्य देशों को अपनी ऊर्जा सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर फ्रांस, चीन या किसी अन्य देश को तेल और गैस चाहिए तो उन्हें खुद होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने जहाज भेजने होंगे. ट्रंप के मुताबिक अमेरिका अब इन देशों के जहाजों की पहरेदारी करने का कारण नहीं देखता और चीन जैसे देशों को अपने सुंदर जहाजों में ईंधन भरने के लिए खुद वहां जाना चाहिए. अमेरिका अब होर्मुज में होने वाली गतिविधियों से खुद को दूर रखने की तैयारी में है जिससे वैश्विक समुद्री सुरक्षा का पूरा समीकरण बदल सकता है. इस नई नीति ने उन देशों की चिंता बढ़ा दी है जो अब तक खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा पर निर्भर थे.
संबंधित खबरें
तिब्बत में भूकंप के दो बड़े झटके, 7.0 के बाद 4.6 की तीव्रता से कांपी धरती
6 hrs agoसऊदी अरब ने 14 भारतीयों को ले जा रही नाव पर किया अटैक, हूती का बड़ा दावा
11 hrs agoस्टारशील्ड इंटरनेट में रुकावट, यूक्रेन को 10 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान
12 hrs agoईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल? तेहरान की नई धमकी
12 hrs agoदम्माम एयरपोर्ट हमले के मृतकों में एक भारतीय, सऊदी में देर रात हुआ था हमला
13 hrs ago'दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रहता है, जैसे', UN रिपोर्ट पर भारत को आपत्ति
16 hrs agoहोर्मुज स्ट्रेट में कुवैती तेल टैंकर पर भयानक हमला, सवार थे 21 भारतीय
18 hrs agoजाली भारतीय मुद्रा की तस्करी के केस में नेपाली को 9 वर्ष 7 माह की सजा
20 hrs agoमेटा पर लगा 2.36 लाख करोड़ रुपये का भारी जुर्माना, जानिए पूरा मामला
20 hrs agoहूती विद्रोहियों का सऊदी एयरपोर्ट पर फिर अटैक, अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला
21 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines