नेपाल में हुए आम चुनावों के बाद काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है. युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. 35 साल के बालेन शाह का असली नाम बलेंद्र शाह है. वो एक राजनेता होने के साथ-साथ इंजीनियर और रैपर भी रह चुके हैं. राजनीति में आने से पहले ही वो युवाओं के बीच अपने संगीत और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने की वजह से काफी फेमस थे.
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काठमांडू के मेयर से पीएम की दौड़ तक
बालेन शाह ने साल 2022 में काठमांडू महानगरपालिका के मेयर का चुनाव जीतकर बड़ी पहचान बनाई थी. वो स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने वाले पहले मेयर बने थे. बाद में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और 2026 के चुनाव में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में उतर गए. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बालेन शाह नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं और युवाओं के बीच उनका प्रभाव काफी मजबूत है.
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कितनी है बालेन शाह की नेटवर्थ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह की कुल संपत्ति लगभग 5 से 6 करोड़ नेपाली रुपये के आसपास है. उनकी मासिक आय 3 लाख रुपये से ज्यादा बताई जाती है. बालेन की कमाई के कई स्रोत हैं. मेयर रहने के दौरान उन्हें करीब 46 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था. इसके अलावा उनकी आय का बड़ा हिस्सा इंजीनियरिंग और बिजनेस से आता है. बालेन शाह एक सिविल इंजीनियर भी हैं और Balen Consulting & Construction Pvt. Ltd. नाम की कंपनी से जुड़े रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कई इंजीनियरिंग कंपनियों में भी काम किया है. सिर्फ यही नहीं, वो एक मशहूर रैपर और संगीतकार भी रहे हैं. उनके कई गाने युवाओं में लोकप्रिय हैं और म्यूजिक, स्टेज शो और सोशल मीडिया से भी उन्हें अच्छी कमाई होती है.
सादगी भरा लाइफस्टाइल
हालांकि करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद बालेन शाह काफी साधारण जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पास कुछ गाड़ियां जरूर हैं, लेकिन वो अक्सर सादगी और सामान्य जीवनशैली को प्राथमिकता देते हैं. बालेन शाह की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनका अलग अंदाज और युवाओं से सीधा जुड़ाव माना जाता है. सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पकड़ है और वो अक्सर भ्रष्टाचार, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं. नेपाल में हो रहे राजनीतिक बदलाव के बीच कई लोग उन्हें नई सोच और नए नेतृत्व का प्रतीक मान रहे हैं. अगर चुनावी समीकरण उनके पक्ष में रहे, तो जल्द ही नेपाल को एक युवा प्रधानमंत्री मिल सकता है.