ईशा फाउंडेशन की सेक्रेड वॉक्स (कैलाश मानसरोवर यात्रा) के कई तीर्थयात्रियों और स्वयंसेवकों के नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बीच लापता या फंसे होने पर, ईशा सेक्रेड वॉक्स की समन्वयक मां गंभीरी ने कहा, ‘यह बहुत ही अप्रत्याशित स्थिति थी जो तब हुई जब यह समूह काठमांडू लौट रहा था और वे चीन इमिग्रेशन सेंटर पर थे. जब हमने सुबह 9:05 बजे उनसे आखिरी बार बात की थी, तो समूह के नेता प्रवीण ने हमें बताया था कि वे अभी-अभी इमिग्रेशन सेंटर पहुंचे हैं और इमिग्रेशन प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं. 10 मिनट के भीतर, जब हमने दोबारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो वे संपर्क में नहीं आ सके. यह पूरी त्रासदी उन्हीं 10 मिनटों के भीतर घटी. हमारा पूरे समूह से संपर्क टूट गया क्योंकि पूरा संचार तंत्र ठप्प हो गया था… हम अपडेट का इंतज़ार कर रहे हैं. नेपाल की तरफ भी सारी संचार व्यवस्थाएं ठप्प थीं. मुझे लगता है कि उन्होंने कुछ जानकारी हासिल करने के लिए हेलीकॉप्टर भेजने की कोशिश की. नेपाल की तरफ का वह कस्बा, जहां हमारे 3 स्वयंसेवक तैनात थे, पूरी तरह से बह गया. इस घटना से कुल 80 लोग प्रभावित हुए. हमें अभी भी उम्मीद है कि हमें जल्द ही चीनी अधिकारियों की तरफ से कोई जानकारी मिलेगी, शायद कल सुबह तक. हम पूरी उम्मीद के साथ इंतजार कर रहे हैं कि हमें इस बारे में कोई अच्छी खबर सुनने को मिले.’
नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, ‘मेरे हिसाब से, अकेले हमारे देश के ही 100 से ज़्यादा लोग इसमें शामिल हैं, और दूसरे देशों के लोग भी हैं. यह बहुत दुखद है. इस समय लोगों को ऐसी जगहों पर जाने से बचना चाहिए. ये सभी मजदूर या पर्यटक हैं. यह मौसम हमेशा ही खराब रहता है. लेकिन यहां भी खतरा बना हुआ है. जब यह पानी भारत में आएगा, तो निश्चित रूप से बिहार, गोंडा और बहराइच के इलाकों पर असर डालेगा.’
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पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत की सीमा के निकट मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और करीब 100 लोगों की मौत हो गई, वहीं 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हो गए. बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, कई पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया और उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी.
भारत में नेपाल दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स डॉ. सुरेंद्र थापा ने कहा, ‘इस त्रासदी के बड़े पैमाने और कई देशों के विदेशी नागरिकों समेत लापता लोगों की संख्या को देखते हुए, हमारी तुरंत प्राथमिकता खोज और बचाव अभियान चलाना, लोगों की जान बचाना और प्रभावितों को मदद पहुंचाना है. हम स्थिति की पुष्टि करने के साथ-साथ प्रभावित सभी लोगों का पता लगाने और उनकी मदद करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. खोज और बचाव अभियान जारी रहने के साथ-साथ आगे की जानकारी भी दी जाएगी.’
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बाढ़ प्रभावित इलाकों की ताजा स्थिति पर जगदीश खरेल ने कहा, ‘इस समय नेपाल बेहद दर्दनाक स्थिति से गुजर रहा है. तिब्बत की ओर ग्लेशियल झील के फटने से आई बाढ़ ने नेपाल में बड़ी संख्या में लोगों की जान और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. छह से ज्यादा जिले बुरी तरह प्रभावित हैं, जिनमें रसुवा, नुवाकोट, गोरखा, धादिंग और चितवन समेत कई अन्य जिले शामिल हैं. नदी किनारे मौजूद ज्यादातर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. सरकार के नेतृत्व में तलाश, बचाव और राहत अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और संबंधित सभी तंत्रों एवं एजेंसियों को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है.’
भारत समेत बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने पर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रवक्ता जगदीश खरेल ने कहा, ‘फिलहाल हमारे पास यह शुरुआती आंकड़ा है, लेकिन अभी तक यह सत्यापित नहीं किया गया है कि लापता लोगों में कितने नेपाली नागरिक हैं और कितने विदेशी नागरिक. हमें भारत समेत अन्य देशों से भी कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी मिली है, लेकिन इस समय हम कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं बता सकते. हमें सरकार की ओर से आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार करना होगा. जैसे ही सरकार से आंकड़े मिलेंगे, हम इसकी जानकारी देंगे. फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.’
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राज्य में बाढ़ की स्थिति पर बिहार के मंत्री निशांत कुमार ने कहा, ‘हम बाढ़ से बचाव के लिए काफी कुछ कर रहे हैं. दवाइयों का इंतज़ाम किया गया है. गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, दिव्यांगों और बुरी तरह प्रभावित लोगों के लिए हमने ऐसी जगहें तय की हैं जहां उनका इलाज किया जाएगा… स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है.’
भारत ने बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिए नेपाल को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी. नेपाल में तिब्बत से लगी सीमा के पास आई अचानक बाढ़ में कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई है और बड़े पैमाने पर तबाही हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नेपाल के अपने समकक्ष बालेन्द्र शाह से बातचीत किए जाने के कुछ घंटे बाद राहत सामग्री भेजी गई. मोदी ने शाह को स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज तथा कुशीनगर के जिला प्रशासन को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया. अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के कारण महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका है.
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान को गंभीर चिंता का विषय बताया और प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना की. आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को नदी के जलस्तर पर नजर रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया.
लोकसभा सदस्य दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बुधवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे या लापता तमिलनाडु के करीब 50 लोग सहित भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकालने और स्वदेश वापस लाने की अपील की. नेपाल के तिब्बत से सटे दो मध्यवर्ती जिलों में बुधवार तड़के अचानक आई भीषण बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई. बाढ़ से नदी किनारे बसी बस्तियों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं.
अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी के रास्ते अचानक आई बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया. इससे तिब्बत से सटे रसुवा और धादिंग जिलों के साथ-साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला भी प्रभावित हुआ. मारन ने एक औपचारिक पत्र में पड़ोसी देश में उत्पन्न हुई ‘गंभीर स्थिति’ की ओर ध्यान आकर्षित किया.
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के मद्देनजर अपने नेपाली समकक्ष रामचंद्र पौडेल और पड़ोसी देश के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है. मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए जिससे कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई तथा 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं.
नेपाल पुलिस ने साझा की आज शाम 6 बजे तक नेपाल के विभिन्न अस्पतालों में रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ पीड़ितों के इलाज की जानकारी.
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NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने ANI को बताया कि एहतियात के तौर पर बिहार के पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं. अभी बिहार में कुल नौ टीमें तैनात हैं और स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख जताया और भारत सरकार से आग्रह किया कि नेपाल में लापता 100 से अधिक भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं. खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से वह हतप्रभ और दुखी हैं तथा इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नेपाल में 100 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरों को लेकर ‘गहरी चिंता’ है. उन्होंने भारत सरकार से लापता लोगों का पता लगाने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया.
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बिहार में बाढ़ के खतरे पर डिप्टी सह जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी का बड़ा बयान. उन्होंने कहा कि लोग सतर्क रहें घबराएं नहीं, अगले 5–6 घंटे से लेकर पूरी रात अलर्ट रहने की जरूरत है. समस्या पहले से बड़ी है.लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है. वाल्मिकीनगर बराज पर पानी आने में 2-3 घंटों का वक्त लग सकता है. सरकार के तरफ से बाढ़ राहत के लिए अतिरिक टीम की तैनाती की गई है. बाढ़ राहत के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराया गया है. नेपाल के तिब्बत प्रभाग में ग्लेशियर फटने से पानी तेजी से बढ़ रहा है. त्रिशूली नदी से देवघाट और उसके बाद गंडक नदी में पानी आयेगा. अच्छी बात है कि गंडक नदी का जल स्तर कम है.
उन्होंने आगे कहा कि कुल मिला कर आकलन है ढाई लाख क्यूसेक पानी गंडक बराज से गुजर सकता है. अभी गंडक बराज में 80 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज है. पानी तेजी से आएगा इस पर हमलोग नजर बनाए हुए हैं. नेपाल सरकार ने स्थिति का आकलन कर जानकारी दी है. विजय चौधरी ने लोगों से अपील किया कि सतर्क रहें घबराएं नहीं. सीएम सम्राट चौधरी खुद ही पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं. कोसी नदी में पानी बढ़ने की अभी कोई बात सामने नहीं आई है.
नेपाल में आई भीषण तबाही में कई लोगों के लापता और मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि 133 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा, करीब 384 कैलाश मानसरोवर यात्री भी लापता बताए जा रहे हैं.
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सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत जल्द से जल्द नेपाल को राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है.
उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही मचाई और निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई. बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया.
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक तिब्बत में ग्लेशियर फटने के चलते भोटे कोशी नदी में अचानक पानी का लेवल बढ़ गया जिसने आसपास बसे इलाकों में सड़कें, पुल, मकान और बिजली परियोजनाओं को तहस-नहस कर दिया. बाढ़ में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, आशंका जताई जा रही है कि इस त्रासदी की चपेट में कई लोग आए हैं. अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है. राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. भारत के बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद बिहार के सीएम सम्राट चौधरी से बात कर तैयारियों से जुड़ा अपडेट लिया.
तिब्बत से आया सैलाब
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रासुवा जिले में देखने को मिला है. तिब्बत की सीमा से लगे टिमुरे और स्याफ्रुबेंसी इलाके में पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. कई वाहन, सामान और इमारतें पानी में बह गईं. नदी पर बना एक हाल में तैयार पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया. रासुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग जिलों में भी बाढ़ का असर पहुंचा है.
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नेपाल की सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है. सेना ने कई हेलिकॉप्टरों को अभियान में उतारा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में पानी का स्तर काफी ज्यादा होने के कारण कई स्थानों पर हेलिकॉप्टरों को उतारना मुश्किल हो रहा है. अब तक दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
चीन के ग्यिरोंग में भी तबाही
इस प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल-चीन सीमा के दूसरी ओर भी दिखाई दिया. चीन के तिब्बत क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़क, संचार और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी दी है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए निगरानी एवं शुरुआती चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.
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