नेपाल में चुनाव से पहले बवाल देखने को मिला है. नेपाल के दक्षिण-पूर्वी इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. रौतहट में शनिवार को दो गुटों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन एक्शन में आ गई है. तनाव के बाद स्थानीय प्रशासन ने 21 फरवरी को रौतहट के गौर नगरपालिका क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया.
नेपाल के सीमावर्ती शहर वीरगंज में भी रविवार देर शाम दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प और पथराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए परसा जिला प्रशासन ने सोमवार सुबह 9:45 बजे से अगले आदेश तक वीरगंज महानगर क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है. सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए नेपाल पुलिस के साथ-साथ नेपाल सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) को सड़कों पर तैनात किया गया है. उल्लेखनीय है कि एक धार्मिक स्थल के पास विवाद से रविवार को भड़की हिंसा में आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे.
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वजीरगंज में भी लगा कर्फ्यू
पुलिस ने हालात को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज भी किया था. पर्सा के डीएसपी हरिबहादुर बस्नेत के अनुसार, विवाद वीरगंज वार्ड नं. 11 स्थित श्रीपुर में एक धार्मिक स्थल के पास शुरू हुआ. आरोप है कि सड़क पर खड़े स्थानीय युवकों के साथ बिना किसी ठोस कारण के मारपीट की गई, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई और दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया. इस हिंसा में ललन महतो, अमर महतो और धीरज साह सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार नारायणी अस्पताल में चल रहा है.
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कैसे और क्यों शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा?
बता दें कि नेपाल में 5 मार्च को चुनाव होने जा रहा है. वहीं, नेपाली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, यह तनाव वार्ड 6 के सबगढ़ में शुरू हुआ, जहां कथित तौर पर दो समुदाय के लोगों के बीच एक शादी के जुलूस के दौरान बहस हुई. देखते ही देखते बहसबाजी हिंसा में तब्दील हो गई. इस दौरान पत्थरबाजी और एक गाड़ी में आग लगाने की घटना भी सामने आई.
जिला मजिस्ट्रेट दिनेश सागर भुसाल ने कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अगली सूचना तक कर्फ्यू जारी रखा गया है. उन्होंने कहा, 'स्थिति स्थिर हो रही है. हालात ठीक होने पर हम कर्फ्यू हटा देंगे.'
कर्फ्यू जोन में गौर कस्टम्स ऑफिस, पूरब में मुदबलवा गेट, पश्चिम में लालकैया तटबंध तक और उत्तर में बाम कैनाल एरिया शामिल हैं. नेपाली आर्मी, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के सुरक्षाकर्मियों को व्यवस्था ठीक करने के लिए भेजा गया है. अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि इलाके में आने-जाने पर रोक है. सुबह 6:30 से 8:30 बजे के बीच जरूरी कामों के लिए कुछ छूट दी गई है.