मिडिल ईस्ट में जंग की शुरूआत में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। तब से अलग अलग लोग नेता और सैन्य अधिकारी ईरान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके बाद अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाया गया। लेकिन जंग में वो भी घायल हो गए। ऐसे में अब नया चेहरा ईरान का असली शासक के रूप में उभरा है- अहमद वाहिदी जिन्हें वाहिद शाहचेराघी भी कहते हैं। वर्तमान में वाहिदी एक ईरानी सैन्य अधिकारी हैं जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यरत हैं।

ईरान में IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी की बढ़ती ताकत ने देश की विदेश नीति में बदलाव के संकेत दिए हैं । वाहिदी आंतरिक स्तर पर अमेरिका के साथ बातचीत के विरोधी हैं। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने के बाद वाहिदी असली शासक के रूप में उभरे हैं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे नेताओं का प्रभाव घट गया है।

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क्या हुआ बदलाव?

IRGC ने सेना और कूटनीति पर कब्जा जमा लिया है। वाहिदी और उनके सहयोगी अब प्रमुख फैसले ले रहे हैं, नरमपंथी नेताओं को हाशिए पर धकेल दिया गया है। वाहिदी के प्रभाव से अमेरिका के साथ युद्धविराम और शांति समझौते की संभावना कमजोर हो गई है।

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इस्लामाबाद की पहली बातचीत में ही पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल में बदलाव उनके निर्देशों से हुए जिसमें उदारवादी नेताओं को बाहर रखा गया था। IRGC ने बातचीत से ज्यादा अमेरिकी हमलों का बदला लेने में दिलचस्पी दिखाई है।

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