अमेरिका ने लगातार 12वीं रात दक्षिणी ईरान में कई शहरों में ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिसके पलटवार में ईरान ने भी कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमलों की पुष्टि की और बताया कि अमेरिका और ईरान में तनाव बढ़ता जा रहा है. बीती रात अमेरिका की सेना ने दक्षिणी ईरान में कई इलाकों और द्वीपों को निशाना बनाया. सिरिक समेत कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गई. कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना लगातार ईरान पर हमले कर रही है, जो आगे भी जारी रह सकते हैं.
‘पुल-पावर प्लांट पर गिराएंगे बम, अगर…’, ट्रंप ने ईरान को फिर दी बड़ी धमकी
---विज्ञापन---
जहाजों को डराने धमकाने का अंजाम भुगतेगा
सेंटकॉम के अनुसार, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को डरा धमका रहा है. अमेरिका के हमलों का मकसद ईरान की डराने धमकाने की क्षमता को खत्म करना है. 12 दिन से अमेरिकी सेना ईरान के एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य ऑपरेशन सेंटर और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले कर रही है. 28 फरवरी को जब इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, तब अमेरिका ने बमबारी करके ईरान की सेना को खत्म कर दिया था. उसके बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया था, लेकिन ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता तो अंजाम भुगतना पड़ेगा.
---विज्ञापन---
ईरान के कुवैत और बहरीन में ताबड़तोड़ हमले
सेंटकॉम के अनुसार, ईरान भी अमेरिकी सेना के हमलों का जवाब दे रहा है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल के टैंकर को निशाना बनाकर मिसाइल दागी और जहाज को नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा, बहरीन और कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसके चलते वहां के लाेगों में दहशत फैली रही. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं कि फिलहाल वे ईरान के साथ बातचीत नहीं करना चाहते. अमेरिका की सेना जल्द ही ईरान के उस इलाके पर बमबारी करेगी, जहां पर ईरान ने संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक रखा है, क्योंकि बातचीत से समाधान संभव नहीं.
---विज्ञापन---
पाकिस्तान ने ईरान जंग में बिचौलिया बनने का मांगा इनाम, अमेरिका के सामने फैला दिए हाथ!
---विज्ञापन---
हर मिसाइल के बदले ब्रिज-पावर प्लांट उड़ाएंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बार ईरान को खतरनाक धमकी दी है. ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर लिखा है कि ईरान ने अब होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर गोलीबारी की या मिसाइल अटैक किया तो एक मिसाइल के बदले ईरान के ब्रिज और पावर प्लांट उड़ाए जाएंगे. ईरान होर्मुज स्ट्रेट को इस तरह कंट्रोल नहीं कर सकता, क्योंकि वह समुद्री मार्ग पूरी दुनिया के खुला है और रहेगा. अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अपनी जिद नहीं छोड़ेगा तो अमेरिकी नौसेना उसकी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी, क्योंकि पूरी दुनिया के साथ ईरान भी नुकसान झेले तो इंसाफ होगा.
---विज्ञापन---