मिडिल ईस्ट की जंग के बीच हूती विद्रोहियों ने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब को बड़ा झटका दिया है. क्योंकि हूती विद्रोहियों ने यमन से सटी बाब-अल-मंदेब की खाड़ी में पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है. द्वीप पर हूतियों के हमले से सऊदी अरब की अरामको कंपनी की पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है. इस वजह से सऊदी अरब की तेल सप्लाई की मात्रा घटकर 30 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. पेरिम द्वीप पर हूती विद्रोहियों के कब्जे से युद्धक्षेत्र में ईरान का पलड़ा भारी और मजबूत हो गया है.

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हूतियों का बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा

पिछले 2 दिन में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा किया है. बाब-अल-मंदेब के तटवर्ती शहर धुबाब पर भी हूती विद्रोहियों का कब्जा हो गया है. गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा किया था. इसके बाद शुक्रवार को सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने मोचा शहर के एयरपोर्ट पर बमबारी की, जिसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन हमले में सऊदी अरब की पूर्व पश्चिम आयल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की खबर है. सऊदी अरब इस पाइपलाइन से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए कच्चे तेल का निर्यात करता है.

सऊदी अरब ने मांगा अमेरिका का समर्थन

विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको इसी पाइपलाइन से कच्चे तेल का निर्यात करती है, लेकिन पाइपलाइन के डैमेज होने से शुक्रवार देर रात सऊदी अरब के सरकारी मीडिया ने इस पाइपलाइन से अस्थायी रूप से तेल की आपूर्ति बंद कर दी है. वहीं हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का समर्थन मांगा है. सऊदी अरब के अनुसार, सरकारी सेना पेरिम द्वीप से पीछे हट गई है और हूतियों ने पेरिम द्वीप के सामने लाल सागर के तटीय शहर धुबाब पर कब्जा कर लिया है. हूतियों ने लाल सागर के द्वीप हनीश और तटीय शहर मोचा पर भी कब्जा कर लिया है.

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1200KM लंबी पाइपलाइन से सप्लाई बाधित

हूती विद्रोहियों के कब्जे से ग्लोबल शिपिंग और एनर्जी सप्लाई पर दबाव पड़ा है , क्योंकि बाब-अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. लेकिन हूती विद्रोहियों के ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब को रियाद और मदीना में 1200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है. पाइपलाइन ईरान और अमेरिका की जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट का विकल्प बनी थी और पिछले कई महीनों से इस पाइपलाइन के जरिए 40 लाख से 50 लाख बैरल तेल प्रतिदिन सप्लाई हो रहा था, लेकिन अब यह मुश्किल है.

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सऊदी क्राउन प्रिंस ने की राष्ट्रपति ट्रंप से बात

सऊदी अबर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, हूती विद्रोहियों के हमले में कुछ लोग घायल हुए हैं और नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमले से कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है या नहीं. लेकिन सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका से मदद मांगी है. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कम से कम 2 बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात करके हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य सहायता मांगी. इसके बाद अमेरिकी सरकार ने यमन सरकार के साथ बातचीत करके विवाद सुलझाने का आग्रह किया.

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