इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में पुलों और घरों पर हमले तेज करने का आदेश दिया
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने रविवार को कहा कि उन्होंने सेना को दक्षिणी लेबनान में पुलों और घरों को नष्ट करने का आदेश दिया है, जिससे हिजबुल्लाह के खिलाफ चल रहे हमले के पैमाने पर चिंता बढ़ गई है.
एक बयान में, काट्ज़ ने कहा कि इजरायली सेना को लितानी नदी पर अतिरिक्त पुलों को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया है, उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान समर्थित समूह दक्षिण में सुदृढीकरण ले जाने के लिए उनका उपयोग कर रहा है.
हालांकि, इन मार्गों का उपयोग नागरिकों द्वारा भी किया जाता है, जिनमें उत्तर की ओर सुरक्षित क्षेत्रों की ओर भागने का प्रयास करने वाले लोग भी शामिल हैं. इस कदम से यह आशंका बढ़ गई है कि इज़राइल का लक्ष्य दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से को देश के बाकी हिस्सों से प्रभावी ढंग से काटना है.
यह वृद्धि एक व्यापक हमले के बीच हुई है जिसमें पहले ही लेबनान भर में 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 1 मिलियन से अधिक विस्थापित हो चुके हैं.
इजरायल की सेना लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने जमीनी अभियान का विस्तार करेगी, इसके सेना प्रमुख ने रविवार को कहा, तथा चेतावनी दी कि समूह के खिलाफ आक्रमण अभी भी प्रारंभिक चरण में है.
उन्होंने कहा, ‘हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन के खिलाफ अभियान अभी शुरू ही हुआ है… यह एक लम्बा ऑपरेशन है. अब हम एक संगठित योजना के अनुसार लक्षित जमीनी अभियानों और हमलों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं.’
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ काम करने के संदेह में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम-मध्य ईरान के मरकज़ प्रांत में 23 व्यक्तियों को कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया मंच के साथ सैन्य स्थलों के निर्देशांक साझा करने और “सड़क अशांति” भड़काने का प्रयास करने के लिए हिरासत में लिया गया था, जिसके बारे में उनका दावा है कि यह इज़राइल से जुड़ा हुआ है.
मंत्रालय ने कहा कि पूर्वोत्तर प्रांत गोलेस्तान में दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर पुलिस केंद्रों पर हमले की साजिश रचने का आरोप है, जैसा कि अर्ध-सरकारी मेहर समाचार एजेंसी ने बताया है.
अधिकारियों ने यह भी कहा कि उन्होंने विदेश में रहने वाले 15 फ़ारसी भाषी व्यक्तियों की “आपराधिक गतिविधियों” की पहचान की है, जो कथित तौर पर इज़राइल के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, और उन्होंने यह जानकारी न्यायपालिका के साथ साझा की.
ईरान ने पहले भी विदेश में रहने वाले नागरिकों को अमेरिका या इजरायल से जुड़ी संस्थाओं के साथ सहयोग न करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि ऐसी कार्रवाइयों से देश में उनकी संपत्ति जब्त हो सकती है.
देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम चार लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए.
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने कहा कि अल-सुल्तानियाह शहर पर हुए हमलों में तीन लोग मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए, जबकि अस-सवाना पर हुए एक अलग हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार घायल हो गए.
लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, 2 मार्च से लेबनान पर इजरायली हमलों में कम से कम 1,024 लोग मारे गए हैं और 2,740 घायल हुए हैं.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने की धमकियों पर अमल करता है, तो रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य ‘पूरी तरह से बंद’ हो जाएगा, जिससे खाड़ी में तनाव बढ़ जाएगा. यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अल्टीमेटम जारी करने के बाद आई है जिसमें ईरान से महत्वपूर्ण तेल शिपिंग लेन को फिर से खोलने या अपने बिजली संयंत्रों पर हमलों का सामना करने की मांग की गई है.
ईरानी स्पीकर ग़ालिबफ़ ने कहा है जैसे ही हमारे power plant पर हमला होगा वैसे ही Gulf Region के तमाम देशों के power plant और तेल संयत्र हमारे निशाने पर आ जायेंगे. इसके बाद तेल के दाम जो बढ़ेंगे तो लम्बे समय तक ऊपर ही रहेंगे.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसाइदी और यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काया कलास के साथ द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय वार्ताएं कीं. यह बैठक ओमान की राजधानी मस्कट में आयोजित हुई. ओमान हमेशा से ईरान और उसके पड़ोसियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. मध्य पूर्व में शांति प्रयासों के लिए ये बैठक अहम मानी जा रही है.
Iran ने तीन धर्मों के लिए पवित्र माने जाने वाले Jeruselam के धार्मिक स्थल के करीब हमला किया. Deigo Garcia तक मिसाइल मार कर साबित किया कि अब Europe के सारे देश उसकी जद में हैं और Strait of Hormuz पर रोक लगा कर दुनिया के लिए ऊर्जा संकट खड़ा किया. Iran को रोकने की कोशिश कर America और Israel विश्व शांति के लिए लड़ रहे हैं. लिहाज़ा बाकी सभी देशों को साथ आना चाहिए – कुछ आएं हैं लेकिन Iran से लड़ने में सबको साथ आना चाहिए.
Int Maritime Organisation (IMO) में ईरान के प्रतिनिधि Ali Mousvi ने दावा किया है कि Strait of Hormuz केवल ईरान के दुश्मनों के लिए बंद रहेगा. Mousvi जो Britain में Iran के राजदूत भी हैं, ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव ही को Hormuz के friction का मुख्य कारण हैं. उनके अनुसार इस friction की जड़ में है America और Israel का Iran पर किया गया गलत हमला.
Iran ने Gulf के देशों के बिजली संयत्रों को Map पर प्रदर्शित कर कहा है – Say Goodbye to Electricity. वहीं, दूसरी ओर America ने Hormuz खोलने के लिए ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है – वरना ईरान के बिजली संयंत्र पर अमेरिका हमला कर उसे ध्वस्त कर देगा. लेकिन ईरान ने कहा है कि अगर उसके बिजली संयत्र पर हमला किया गया तो फिर वो पूरे गल्फ के देशों के बिजली संयत्रों को निशाने पर लेगा और पूरे गल्फ क्षेत्र को अंधेरे में डुबो देगा.
ईरान के गैस क्षेत्रों और कतर के फ्यूल हब पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक उछलकर 112.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है।
ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजरायली रक्षा प्रणाली को भेदते हुए अराद और डिमोना शहरों पर सीधा हमला किया है। अराद में एक मिसाइल रिहाइशी इलाके में गिरने से भारी तबाही हुई है, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं।
सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत (Eastern Province) को निशाना बना रहे चार और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
IAEA ने पुष्टि की है कि डिमोना न्यूक्लियर सेंटर सुरक्षित है और कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ। हालांकि, ईरानी स्पीकर गालिबाफ का दावा है कि इजरायल मिसाइलें रोकने में नाकाम रहा। बुशहर में IRGC द्वारा अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने और अराद में हाइपरसोनिक मिसाइलों से हुई भीषण तबाही ने इजरायली रक्षा दावों को कड़ी चुनौती दी है।
सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य अताशे और चार अन्य दूतावास कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने हालिया हमलों को इसका मुख्य कारण बताया है।
दक्षिणी इजरायल के आराद शहर में ईरानी मिसाइल गिरने के बाद आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इस हमले में 88 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसा न होने पर अमेरिका ईरान के बिजली घरों को ‘नेस्तनाबूद’ कर देगा। यह बयान युद्ध खत्म करने की चर्चाओं के ठीक एक दिन बाद आया है।
UAE ने इक्कीस अन्य देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें Iran द्वारा खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की गई है।
जिन देशों ने इस बयान पर दस्तखत किए हैं वे हैं United Kingdom, France, Germany, Italy, the Netherlands, Japan, Canada, the Republic of Korea, New Zealand, Denmark, Latvia, Slovenia, Estonia, Norway, Sweden, Finland, Czechia, Romania, Bahrain, Lithuania और Australia.
आज ईरान द्वारा मध्य इज़राइल की ओर दागी गई एक मिसाइल, जिसमें क्लस्टर वॉरहेड लगा था, ने एक किंडरगार्टन सहित कम से कम 10 स्थलों को निशाना बनाया.
Middle East War: मिडिल ईस्ट में चल रही अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के 22 दिन पूरे हो गए हैं। वहीं 23वें दिन भी हमले जारी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को झुठलाते हुए ईरान की IRGC ने कहा कि उसने इजरायल, कुवैत और सऊदी अरब में स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं। राज्य मीडिया द्वारा प्रसारित बयान में IRGC ने कहा कि उसने इजरायल के तेल अवीव, एकरे, हफीफा खाड़ी के साथ-साथ कुवैत के Ali al-Salem Air Base और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमले किए।
इजरायल ने जवाबी हमले करके तबाही मचाई
ईराक में बगदाद स्थित अमेरिकी विक्टोरिया बेस पर ईरान ने हमला किया, जिससे यह बेस आग और धुएं के गुबार से भर गया। जवाबी हमले करते हुए इजरायल ने रातभर तेहरान तथा राजधानी के पूर्व में स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। तेहरान में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे विकसित करने वाली फैक्ट्रियों और अन्य स्थलों को नष्ट किया गया है। वहीं एक तरफ अमेरिका मध्य पूर्व में सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है और अब मरीन भी तैनात कर दिए हैं। दूसरी ओर, युद्ध का जल्दी समाप्त करने के संकेत भी दे रहा है।
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