अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बावजूद ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. ईरान ने जॉर्डन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी सेना ने आसमान में ही मार गिराया. हमले में सैन्य ठिकानों को किसी तरह के नुकसान होने या किसी की जान जाने की खबर नहीं मिली है. लेकिन सीजफायर के बावजूद ईरान के हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव और गहरा गया है. वहीं गल्फ देशों में भी क्षेत्रीय तनाव और गहराने के संकेत मिले हैं.
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ट्रंप के सीजफायर ऐलान के एक दिन बाद हमला
अमेरिका के रक्षा विभाग ने सीजफायर के बावजूद ईरान के हमले की निंदा की है और हमले का मुंहतोड़ जवाब देने का ऐलान किया है. अमेरिका की सेंट्रल कमांड CENTCOM ने ईरान के हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम के अनुसार, एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया को बताया था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अच्छी बातचीत चल रही है और एक अच्छा समझौता होने की संभावना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कूटनीति का अवसर देने के लिए हमले रोककर सीजफायर का ऐलान किया था.
अमेरिकी सेना हमले का जवाब देने के लिए तैयार
सेंटकॉम के अनुसार, ईरान ने अवसर का फायदा नहीं उठाया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं. इस तरह ईरान और अमेरिका का संघर्ष विराम कुछ ही दिन चल सका. मिडिल ईस्ट में अब लड़ाई फिर से भड़क गई है और इस बार शुरुआत ईरान ने की है. अमेरिका की सेना अब हाई अलर्ट पर है और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है. ईरान अपनी जिद पर अड़ा है और उसे इस जिद का बहुत बुरा खामियाजा भुगतना पड़ा सकता है.
ट्रंप की नेतन्याहू से ईरान को लेकर हाई लेवल मीटिंग
बता दें कि ईरान ने महीने की शुरुआत में जॉर्डन में मिसाइल अटैक किया था, जिसमें 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी. फिर अमेरिका ने ईरान पर लगातार 13 दिन हमला किया. वहीं बीती रात हुआ हमला वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मुलाकात के बाद हुआ. इस बैठक में ईरान को लेकर ही बातचीत हुई थी. इजरायली प्रधानमंत्री ने मीटिंग को अब तक की सबसे अच्छी मुलाकात बताया और कहा कि इस मीटिंग का रिजल्ट जल्दी ही पूरी दुनिया को पता चलेगा.
लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर पर हूतियों का हमला
बता दें कि यमन के हूतियों ने भी लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. ईरान समर्थित हूतियों ने हमला किया, क्योंकि सऊदी अरब के टैंकर ने समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन किया. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि चेतावनी दिए जाने के बाद भी टैंकर ने रास्ता नहीं बदला तो हमला करके उसे रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया. जहाज के चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने या पर्यावरण को नुकसान की खबर नहीं है.
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