मिडिल ईस्ट में जंग जारी है और ऐसा लग रहा था कि अमेरिका जल्द ही ईरान के उन पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा, जो इस देश को अंधेरे में डुबो देंगे. लेकिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान सामने आया. जिसमें ट्रंप ने कहा कि 'US ने ईरान के शीर्ष नेता से बात की है. बीती रात ईरान के शीर्ष नेता के साथ हमारी बात हुई. हमारी बात काफी अच्छी रही.' ट्रंप ने आगे कहा कि

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैं यह सूचित करते हुए प्रसन्न हूं कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान देश ने पिछले दो दिनों में अच्छी और उत्पादक बातचीत की है, जो हमारे शत्रुताओं के पूर्ण और कुल समाधान के संबंध में है.’

---विज्ञापन---

लड़ाई जारी है- ईरान

वहीं, ट्रंप के इस बयान पर ईरान का भी रूख अब सामने आया है. ईरान ने ट्रंप को बयानों को बेतुका करार दिया है. सबसे पहले ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहीम रेजाइ ने कहा कि लड़ाई जारी है और यह शैतान के लिए एक और हार है. ट्रंप और अमेरिका एक बार फिर हार गए हैं.

---विज्ञापन---

इसके बाद विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वॉशिंगटन के साथ ईरान किसी भी तरह की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वार्ता में शामिल नहीं है. उसने ये भी साफ किया कि इस तरह के बयान देकर डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ अपने लिए कुछ समय निकाल रहे हैं और ये उनकी मनोवैज्ञानिक युद्ध की चाल है.

वहीं, ईरान की सैन्य ईकाई इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उसका कहना है कि 'अमेरिका से ईरान कोई बात नहीं कर रहा है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि जब उन्हें यह जानकारी मिली कि हमारे निशाने पूरे पश्चिम एशिया के सभी पावर स्टेशन हो सकते हैं, तो उन्होंने अपना रुख बदल लिया और पीछे हट गए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की कड़ी सैन्य चेतावनियों के बाद एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने का फैसला पीछे खींच लिया.'

आपको बता दें कि इससे पहले खाड़ी देशों ने भी अमेरिका को ये चेतावनी दी थी कि पावर प्लांट पर उनका हमला सहयोगी देशों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावों को किया खारिज

मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच अभी बातचीत चल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामिक गणराज्य के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्होंने यह दावा किया था.

मेहर न्यूज एजेंसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ये टिप्पणियां आगे के अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए समय निकालने और संघर्ष के कारण बढ़ती कीमतों के बीच ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने का एक प्रयास थीं.

मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से मंत्रालय ने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान ऊर्जा की कीमतें कम करने और अपनी सैन्य योजनाओं को लागू करने के लिए समय हासिल करने के प्रयासों के दायरे में आते हैं.'

मंत्रालय ने आगे कहा, 'तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय देशों की ओर से कुछ पहल की जा रही हैं, और उन सभी पर हमारी प्रतिक्रिया स्पष्ट है: इस युद्ध की शुरुआत हमने नहीं की है, और इन सभी अनुरोधों को वाशिंगटन के पास भेजा जाना चाहिए.' फार्स न्यूज ने एक ईरानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा, 'अमेरिका के साथ हमारा कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संपर्क नहीं है.'