व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को ऐलान किया की कि फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से तबाह हुए शहर ओलेशकी में एक अस्थायी सीजफायर कराने में मध्यस्थता की है. इससे मानवीय मदद पहुंचाने और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिलेगी. ये युद्धविराम 29 अक्टूबर से शुरू होगा. व्हाइट हाउस ने बताया कि फर्स्ट लेडी ने ही बातचीत की पहल की थी. उन्होंने और उनके एक प्रतिनिधि ने सीधे रूस और यूक्रेनी नेतृत्व के साथ मिलकर युद्धविराम की शर्तें तय कीं. यूक्रेन या रूस सरकारों की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है.
मेलानिया ट्रंप ने क्या कहा?
बतौर फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने संघर्ष वाले क्षेत्रों में बच्चों के मुद्दे को अपनी प्राथमिकता बनाया है. इसी साल उन्होंने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक बैठक की मेजबानी भी की थी. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को व्यक्तिगत तौर पर पत्र लिखकर युद्ध की वजह से अपने परिवारों से बिछड़े बच्चों को वापस मिलाने की अपील की है. ओलेशकी शहर में कई महीनों से भोजन और चिकित्सा सामग्री की भारी कमी है. ये शहर निप्रो नदी के किनारे बसा है, जो यूक्रेनी सेना और शहर पर कब्जा जमाए रूसी सेना के बीच एक सीमा की तरह है. यहां बिजली, हीटिंग या पानी की कोई सुविधा नहीं है. शहर से बाहर जाने वाली सड़कों पर बारूदी सुरंगें बिछी हैं और जली हुई कारें पड़ी हैं. आसमान में खतरनाक ड्रोन मंडराते रहते हैं.
ओलेशकी शहर में क्या हुआ?
कभी लगभग 24,000 लोगों का घर रहा ओलेशकी शहर, 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के पहले ही दिन रूसी सेना के कब्जे में आ गया था. यहां की इमारतों पर गोलाबारी की गई, उन्हें जला दिया गया और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया. जून 2023 में एक और बड़ी आपदा आई, जब काखोव्का बांध में हुए विस्फोट के बाद पूरा शहर बाढ़ के पानी में डूब गया. ‘एसोसिएटेड प्रेस’ की जांच के मुताबिक, ये विस्फोट रूसी सेना ने किया था, जिसमें सैकड़ों निवासियों की मौत हो गई. यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी मोर्चे पर मौजूद इस तबाह शहर में जो लोग बचे हैं, उनके सामने अब एक और कड़ाके की सर्दी के साथ-साथ भूख और बीमारियों से मरने का खतरा है. यूक्रेन ने कई बार स्थानीय युद्धविराम की अपील की है ताकि लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.