अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक बड़ा अपडेट दिया है. रूबियो के मुताबिक, युद्ध रोकने के लिए अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव पर ईरान का जवाब 'किसी भी पल' आ सकता है. उन्होंने साफ किया कि यह जवाब आज या कल में मिल सकता है, जिससे यह तय होगा कि क्या खाड़ी क्षेत्र में शांति की कोई गुंजाइश बची है. जी-7 देशों की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मार्को रूबियो ने अमेरिकी रणनीति पर बड़ा बयान दिया.

उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान बहुत प्रभावी रहा है और अमेरिका को जमीन पर सेना उतारने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रूबियो ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता अब काफी कमजोर हो चुकी है और अमेरिका अपनी हवाई शक्ति और तकनीक के दम पर ही दबाव बनाए रखने में सक्षम है.

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हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर दुनिया को चेताया

रूबियो ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक समुदाय, विशेषकर एशियाई देशों को सतर्क किया. उन्होंने कहा कि ईरान इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर 'टोल' वसूलने या उन्हें रोकने की कोशिश कर सकता है. रूबियो ने दोटूक कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी केवल अमेरिका की नहीं है; बल्कि उन देशों को भी आगे आना होगा जिनका व्यापार इस रास्ते से होता है.

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15 सूत्रीय प्रस्ताव और 6 अप्रैल की डेडलाइन

गौरतलब है कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है. हालांकि ईरान के कुछ अधिकारियों ने इसे अपमानजनक बताया है, लेकिन रूबियो का मानना है कि वार्ता की टेबल पर हल निकलने की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है. इसी बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समय सीमा को बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दिया है, जिसे तेहरान के लिए आखिरी मौके के तौर पर देखा जा रहा है.