हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

भारतीय सैनिकों को लेकर अब क्या बोले Maldives के राष्ट्रपति? मोहम्मद मुइज्जू का संसद में बयान

Indian troops to leave Maldives: इसके पहले मालदीव ने भारत से 15 मार्च तक अपनी मिलिट्री हटाने को कहा था। 1988 में भारत की मिलिट्री की मालदीव में एंट्री हुई थी। उस समय भारत ने मालदीव को बचाया था।

विज्ञापन
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (ANI)

Maldives President Mohammed Muizzu said Indian forces leave before May: मालदीव और भारत के बीच शुरू हुआ तनाव का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा लगता है कि मालदीव ने भारत से पूरी तरह संबंध खराब करने का मन बना लिया है। वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के हालिया बयानों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हाल के उनके कई कदमों से पता चलता है कि वे भारत के साथ संबंध खराब करने चाहते हैं। इस बीच खबर आई है कि मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी 10 मई से पहले हो जाएगी।

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने बताया कि 10 मार्च को सैनिकों के पहले ग्रुप को वापस भेजा जाएगा। उनका कहना है कि इसपर सहमति बन गई है। मुइज्जू को चीन समर्थक माना जाता है और वे पद संभालने के बाद 5 दिवसीय चीन दौरे पर भी गए थे। चीन के प्रति मुइज्जू का झुकाव ही अपने निकट और महत्वपूर्ण पड़ोसी भारत से संबंध खराब करने की वजह है।

ये भी पढ़ें-क्या Paytm की मदद करने जा रहे हैं मुकेश अंबानी? जियो फाइनेंशियल के शेयरों में तेजी

विज्ञापन

कितने भारतीय सैनिक हैं मालदीव में

मुइज्जू ने कहा कि वह मालदीव के लोगों की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे और उनका देश बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा। मुइज्जु ने मालदीव की संसद में भारत पर निशाना साधा है। इसके पहले नवंबर 2023 में उन्होंने भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कहा था। मालदीव सरकार का कहना है कि वहां भारत के 88 सैनिक मौजूद हैं। भारत ने मालदीव की मदद के लिए डॉर्नियर विमान और हेलिकॉप्टर भी दिया था।

विज्ञापन

सैनिकों को हटाना था मुइज्जू का एजेंडा

सरकार में आने के बाद मुइज्जू का सबसे बड़ा एजेंडा भारत के सैनिकों को वहां से हटाना था। मुइज्जू ऐसा करके एक भू राजनीतिक संदेश भेजना चाहते हैं। इतिहास में अक्सर मालदीव के नए राष्ट्रपति पद संभालने के बाद भारत का दौरा करते हैं लेकिन मुइज्जु ने इस परंपरा को तोड़ दिया। वे पहली यात्री पर तुर्की चले गए। भारत मालदीव की आर्थिक मदद भी करता रहा है। बता दें कि मालदीव में भारत के सैनिक 1988 में पहली बार पहुंचे थे।  तब वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति ने भारत से कहा था कि उनकी मिलिट्री सरकार को हटाना चाहती है इसलिए भारत अपने सैनिकों को हमारी मदद के लिए भेजे। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन कैक्टस के तहत अपनी मिलिट्री को मालदीव भेजा था।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें-Cheapest Flight Ticket: कम से कम कीमत में बुक होगी हवाई टिकट! बस अपना लें ये ट्रिक

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola