मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के युद्ध का दायरा बड़ा होने लगा है, क्योंकि युद्ध की आग में अब गल्फ देश भी कूद गए हैं. जी हां, पहली बार कुवैत और बहरीन ने ईरान पर सीधा हमला किया है. दोनों देशों ने ईरान के मिसाइल स्टोरेज और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. वहीं सऊदी अरब दोनों देशों को ईरान के खिलाफ इंटेलिजेंस और डिफेंसिव एयर कवर दे रहा है. क्योंकि अमेरिका के हमलों के बदले में ईरान अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करके नुकसान पहुंचा रहा है.
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अब तक सेल्फ डेफेंस कर रहे थे अरब देश
बता दें कि 28 फरवरी 2026 से ही अमेरिका के हमले का बदला ईरान अरब देशों से ले रहा है, जिसके जवाब में अरब देश आत्मरक्षा ही करते थे. वे अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर दागी गई ईरान की मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर देते थे, लेकिन कभी सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं लिया. इस बार ईरान के हमलों को बर्दाश्त न करते हुए अरब देशों ने सीधे युद्ध में शामिल होने का फैसला कर लिया है. फैसला लेते हुए कुवैत और बहरीन ने हमले कर दिए हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात मदद कर रहा.
ईरान से फिर शांति वार्ता शुरू होने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ बैठक करके ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने पर चर्चा की. उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ अमेरिका की शांति वार्ता फिर शुरू हो गई है और इसमें JD वेंस, मार्को रुबियो समेत कई मंत्री-सांसद शामिल हैं. अमेरिका की खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई की तुलना में परमाणु हथियारों की दिशा में ज्यादा आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं.
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ट्रंप की रूस और चीन को सीधी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन और रूस को उनके वादों की याद दिलाई. अपने ट्रूथ सोशल पर उन्होंने कहा कि चीन और रूस को बहुत बुरा झेलना होगा. शी जिनपिंग और पुतिन ने मुझे कहा था कि वे ईरान के युद्ध में इन्वॉल्व नहीं होंगे और उसे हथियारों की सप्लाई नहीं करेंगे. अगर ऐसा हुआ तो यह उनके लिए बहुत बुरा होगा. हाल ही में बीजिंग में हुई मुलाकात में शी जिनपिंग ने कहा था कि चीन किसी भी परिस्थिति में ईरान को हथियार नहीं देगा या बेचेगा. पुतिन ने भी कहा था कि ईरान को रूस हथियार नहीं बेचेगा. अभी चीन और रूस युद्ध में ईरान के साथ नहीं हैं, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो बहुत बुरा अंजाम भुगतेंगे.
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