Iran Israel War: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध लगातार जारी है। इसी बीच ईरान के विदेश मामलों के उप-मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह भारत में हैं। इस दौरान कहा खतीबजादेह ने जंग पर बात की। खतीबजादेह ने कहा कि ईरान और भारत की सभ्यतागत जड़ें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। हम भारत-फारसी संस्कृति और सभ्यता के हैं और यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप है, और हम ईरान-भारत संबंधों को बहुत महत्व देते हैं।

दरअसल, दिल्ली में रायसीना संवाद 2026 आयोजित हुआ। इसमें ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबज़ादेह वक्ता के रूप में रहे। खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के अस्तित्व को समाप्त करने का फैसला कर लिया है। इजरायली कई दशकों से ग्रेटर इजरायल के अपने भ्रम के कारण ऐसा वादा करते आ रहे हैं। हमारे पास फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी उपस्थिति को समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

---विज्ञापन---

जंग पर बात करते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के विदेश मामलों के उप मंत्री डॉ. सईद खतीबज़ादेह ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि इस समय ईरान की प्राथमिकता हमलावर के खिलाफ अंतिम प्रतिरोध करना है। हम अमेरिकी और इजरायली आक्रमण के शिकार हैं और ईरान को अधिकतम नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

---विज्ञापन---

कहा कि अभी जब हम बात कर रहे हैं, मेरे देशवासी अमेरिकी और इजरायली बमबारी के निरंतर हमलों का सामना कर रहे हैं। तेहरान पर लगातार हमले हो रहे हैं और हमारे पास अपनी आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक प्रतिरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यह हमारे लिए एक बहुत ही वीरतापूर्ण और राष्ट्रवादी लड़ाई है और हमें ईरान में उनके अत्याचारों को रोकना होगा।

यह भी पढ़ें: खामेनेई की हत्या का खौफनाक प्लान, इजरायल-अमेरिका ने कब और कैसे बनाया? पढ़ें रक्षा मंत्री

इसके अलावा डॉ. सईद खतीबजादेह ने कहा कि आज अमेरिकियों और इजराइलियों द्वारा जो किया जा रहा है वह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के खिलाफ है। ईरान की ओर से कोई उकसावा नहीं था। यह ईरान के अस्तित्व का युद्ध है, वे ईरान के अस्तित्व को समाप्त करना चाहते हैं। हम इन हमलावरों को पीछे धकेलने के लिए एक वीरतापूर्ण, राष्ट्रवादी युद्ध लड़ रहे हैं। हमारे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है कि हम उन सभी ठिकानों पर प्रहार करें जहां से अमेरिकी अपना हमला शुरू कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: ईरान और अरब देशों को बड़ा झटका, अमेरिका की रूस को छूट, 30 दिन तक भारत को तेल बेच