जापान की सेना ने 24 जून को बताया कि उसने अपने में पहली बार मिसाइल परीक्षण किया है। यह परीक्षण जापान के उत्तरी मुख्य द्वीप होक्काइडो में सेना की फायरिंग रेंज में हुआ है। बताया गया कि टाइप-88 सतह से जहाज पर मार करने वाली कम दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया गया। बताया जा रहा है कि जापान ने चीन को रोकने के लिए जवाबी हमला करने की क्षमता हासिल करने के लिए अपनी सैन्य तैयारी में तेजी ला रहा है। इससे पहले भी जापान ने मिसाइल परीक्षण किए हैं लेकिन ये परीक्षण देश में नहीं बल्कि विदेशों में हुए हैं। इसमें अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के नाम शामिल हैं।

परीक्षण में 300 जवान शामिल, नाव को बनाया निशाना

टाइप 88 सतह से जहाज तक मार करने वाली, कम दूरी की मिसाइल का परीक्षण जापान के सबसे उत्तरी मुख्य द्वीप होक्काइडो के शिज़ुनाई एंटी-एयर फायरिंग रेंज में किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स की प्रथम आर्टिलरी ब्रिगेड द्वारा किए गए अभ्यास में लगभग 300 सैनिकों ने भाग लिया, जिसमें होक्काइडो के दक्षिणी तट से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक मानवरहित नाव को निशाना बनाकर प्रशिक्षण मिसाइल का इस्तेमाल किया गया।

2022 में जापान ने बदली थी अपनी नीति

दरअसल चीन और रूस के बीच जापानी तटों के आसपास संयुक्त सैन्य अभ्यासों से जापान चिंतित बताया जा रहा है। जापान और रूस के बीच विवाद है। जापान शांतिवादी संविधान के तहत चलता है और वह केवल आत्मरक्षा के लिए बल के उपयोग करने पर महत्व देता था लेकिन साल 2022 में उसने अपनी नीति में बदलाव किया। यह भी पढ़ें : क्या है टाइप-88 मिसाइल?, जापान अब चीनी शिपों को इतनी दूरी से ही कर देगा तबाह जापान फिलहाल लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों को तैनात करने के लिए काम कर रहा है, जिसमें इस साल के अंत में अमेरिका से खरीदी गई टॉमहॉक्स भी शामिल हैं। जापान लगभग 1,000 किलोमीटर की रेंज वाली टाइप 12 सतह से जहाज पर मार करने वाली मिसाइलें भी विकसित कर रहा है, जो टाइप 88 से 10 गुना ज्यादा ताकतवर है।