कहते हैं कि प्यार और जंग में सब जायज है. जहां एक तरफ इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है सभी सैनिक युद्ध में उलझे हुए हैं और अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर एक इजरायली सैनिक जंग के मैदान को अनदेखा कर प्यार में पड़ गया है. इतना ही नहीं बिना दूसरों के बारे में सोचते हुए इजरायली सैनिक ने ईरान की रहने वाली अपनी प्रेमिका से सगाई भी कर ली है.

कई बार प्यार ऐसी स्थिति में होता है जिसके बारे में कभी कोई भी नहीं सकता है. इजरायल के गोलानी ब्रिगेड के एक रिजर्व लड़ाकू सैनिक ने भी कभी कल्पना नहीं की थी कि लॉस एंजिल्स के सांता मोनिका के एक बार में उसकी मुलाकात एक ऐसी महिला से होगी, जो उसके जीवन का प्यार बन जाएगी और जिसका घर ईरान जैसे देश में होगा, जिससे उनकी कट्टर दुश्मनी है.

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इजरायली रिजर्व लड़ाकू सैनिक डीन की मुलाकात ईरान की अजादेह से लॉस एंजिल्स एक बार में हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातों का जो सिलसिला शुरू हुवा वो एक दूसरे के साथ जीने-मरने के वादे और कसमों पर ही आकर रुका. दोनों के धर्म एक-दूसरे से अलग थे और दोनों के देश भी एक दूसरे के दुश्मन भी… इन सबके बावजूद भी यह जोड़ा अब सगाई कर चुका है और एक दिन साथ में तेल अवीव और तेहरान घूमने के सपने भी देख रहा है.

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वहीं, डीन ने याद करते हुए वाईनेट न्यूज को बताया कि हम 2019 में लॉस एंजिल्स में बार में मिले थे. हमने बातचीत की और एक दूसरे के कॉन्टेक्ट में आए, लेकिन हम ज्यादा संपर्क में नहीं रहे. कोविड काल के दौरान हमने दोबारा बात करना शुरू की. एक बार डीन इजरायल गए हुए थे. उन्होंने तेल अवीव के लेविंस्की मार्केट में एक फारसी रेस्तरां से एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की.

इस तरह हुई प्यार की शुरुआत

अजादेह ने इंस्टाग्राम पर मेरी फोटो देखी और लिखा- वाह, यह बहुत सुंदर लग रहा है. इस पर मैंने जवाब दिया कि हम बहुत समय से एक-दूसरे से नहीं मिले हैं और मैंने कहा कि जब मैं लॉस एंजिल्स वापस आऊं तो हम बाहर कहीं मिलें. कुछ महीनों बाद, जब वह अमेरिका लौटा, तो उसने उसे फोन किया. दोनों ने मुलाकात की और जल्दी ही एक-दूसरे के करीब आ गए.

आज डीन और अजादेह सगाई कर चुके हैं. सुनने में तो यह एक आम प्रेम कहानी लग सकती है, लेकिन इसमें एक ऐसी बात है जो इसे खास बनाती है. दोनों अलग-अलग दुनिया, अलग-अलग धर्मों और आधिकारिक तौर पर एक-दूसरे के दुश्मन देशों से आते हैं. डीन इजरायली है, जबकि उनकी मंगेतर ईरान से हैं.

दोनों की पहचान उजागर न हो, इसलिए यहां दोनों के नाम बदल दिए गए हैं. अजादेह न तो यहूदी हैं और न ही मुस्लिम. उन्होंने बताया कि कई ईरानी खुद को मुसलमान नहीं मानते हैं क्योंकि सदियों पहले इस्लाम ने फारस पर विजय प्राप्त की थी और यह देश मूल रूप से मुस्लिम शक्ति नहीं था. उनके लिए डीन की यहूदी पहचान कभी बाधा नहीं रही.

अजादेह ने बताया कि मैं लोगों को उनके धर्म के आधार पर नहीं देखती. इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है. उनके यहूदी होने की बात ने मुझे उत्साहित किया क्योंकि मुझे यहूदियों से बहुत लगाव है और मैं बहुत उत्सुक थी. मैं उनसे उनकी संस्कृति और इजरायल के बारे में कई सवाल पूछना चाहती थी.

इन सबके बाद अजादेह साल 2013 में 18 साल की उम्र में ईरान के इस्फहान शहर से अमेरिका आ गई. उन्होंने बताया कि ईरान में बचपन के दौरान उन्हें जिन पाबंदियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उसके बावजूद वह ईरान छोड़ना नहीं चाहती थी. उनकी चाची ने उन्हें अमेरिका जाने के लिए प्रेरित किया.

उनकी मां उन्हें लॉस एंजिल्स ले गईं और उन्हें चाची के पास छोड़कर ईरान लौट आईं, जहां वह अजादेह के भाई के साथ रहती हैं. अजादेह ने तब से अपनी मां को नहीं देखा है. उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताओं के कारण, उन्होंने अनुरोध किया कि उनका असली नाम और तस्वीर प्रकाशित न की जाए.

एक साथ तेहरान और तेल-अवीव घूमना चाहते हैं दोनों

अपने देशों के बीच युद्ध और राजनीतिक तनाव के बावजूद , डीन और अज़ादेह भविष्य की ओर देख रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि एक दिन वे एक साथ एक-दूसरे के वतन की यात्रा करेंगे, तेल अवीव और तेहरान की सड़कों पर घूमेंगे और अपने परिवारों को एक-दूसरे से मिलवाएंगे.