इजरायल को प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान संग जारी संघर्ष के बीच भारतीय समयानुसार देर रात देश को संबोधित किया. अपने बयान में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनका ऑपरेशन जारी रहेगा. उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि इजरायली सेना ने सुप्रीम लीडर खामेनेई के आवास और ऑफिस पर कई हमले किए. नेतन्याहू ने ईरान की जनता से भी सड़क पर उतरने की अपील की.

ईरानी जनता को सीधे संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ये हमले 'एक पीढ़ी का अवसर' हैं, अब तेहरान का शासन उखाड़ फेंकने का समय आ गया है. उन्होंने लोगों से 'सड़कों पर उतर आने' और 'ऐतिहासिक मिशन' के लिए एकजुट होने की अपील की. इजरायल ने दावा किया कि खामेनेई का परिसर नष्ट कर दिया गया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कई सदस्य मारे गए. नेतन्याहू ने ईरानी नागरिकों से 'सड़कों पर उतरकर काम पूरा करने' का आह्वान किया, ताकि देश का नेतृत्व को उखाड़ फेंका जा सके.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: इजरायल ने ईरान के एक स्पोर्ट्स हॉल में 20 वॉलीबॉल खिलाड़ियों पर बमबारी की

---विज्ञापन---

गौरतलब है कि शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए. इन हमलों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'विशाल अभियान' करार दिया. इसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को ध्वस्त करना और परमाणु खतरे को समाप्त करना बताया गया. तेहरान में विस्फोटों की खबरें आईं, खासकर सर्वोच्च नेता के परिसर के निकट, जहां मिसाइल स्थलों और शासन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने देश की रक्षा का वचन दिया, जबकि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इजरायल व खाड़ी में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए. ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, रात भर चली गोलीबारी में कम से कम 201 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हुए. यह संघर्ष मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर ले गया है, जहां ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है.