Israel-Lebanon Peace Talks: मिडिल ईस्ट से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. महीनों से जारी भारी तनाव और संघर्ष के बीच अब इजरायल और लेबनान मेज पर आमने-सामने बैठने को तैयार हो गए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि उनका देश लेबनान के साथ 'सीधी बातचीत' शुरू करने जा रहा है. इजरायली प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि लेबनान की ओर से बार-बार किए गए अनुरोध के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है. नेतन्याहू ने कल ही अपनी कैबिनेट को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि लेबनान के साथ जल्द से जल्द कूटनीतिक बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जाए. यह बातचीत अगले सप्ताह अमेरिका की मध्यस्थता में वाशिंगटन में आयोजित होगी.

हिजबुल्लाह का खात्मा और शांति है मुख्य एजेंडा

इस ऐतिहासिक बातचीत का मुख्य केंद्र हिजबुल्लाह का निरस्त्रीकरण होगा. इजरायल का साफ कहना है कि शांति तभी संभव है जब लेबनान की धरती से हिजबुल्लाह के हथियारों को खत्म किया जाए. इजरायल ने लेबनान के प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में 'बेरूत को हथियारों से मुक्त' करने के आह्वान का भी स्वागत किया है. इजरायल चाहता है कि लेबनान सरकार हिजबुल्लाह को निहत्था करने में पूरी तरह सहयोग करे.

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लेबनान ने अमेरिका से मांगी गारंटी

वहीं दूसरी ओर, लेबनान ने भी बातचीत के लिए अपनी शर्त रखी है. लेबनान का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इस चर्चा से निकलने वाले परिणामों और समझौतों पर उन्हें अमेरिका की ठोस गारंटी चाहिए.

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'नेटन्याहू पर चलेगा केस, ईरान भी जंग को तैयार'

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया है कि लेबनान पर किए जा रहे हमले असल में नेतन्याहू की अपनी कुर्सी बचाने की एक कोशिश है। अराघची ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर लंबे समय से चल रहा आपराधिक मुकदमा इसी रविवार से फिर से शुरू होने जा रहा है। भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों से घिरे नेतन्याहू अपनी कानूनी मुश्किलों से बचने के लिए नेतन्याहू पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंकने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। अराघची ने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका इजरायल की आक्रामकता का समर्थन करना जारी रखता है तो उसे इसके आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे।