Israel Seek India Help To Rescue Hostages: इजरायल और हमास के बीच जंग छिड़े 13 दिन हो गए हैं, लेकिन आग शांत होने की बजाय भड़कती जा रही है। इजरायल समेत कई देशों के 200 बंधक अभी भी हमास के कब्जे में हैं। अब इजरायल ने इन बंधकों को छुड़ाने के प्रयासों में भारत से भी मदद मांगी है। भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा है कि बंधकों को छुड़ाने के लिए भारत की ओर से किसी भी तरह की मदद का हम स्वागत करते हैं। यही नहीं इजरायली राजनयिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और कहा कि हमें भारत की ओर से समर्थन मिल रहा है।
PM मोदी से इजरायल से जताई एकजुटता
हमास के हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को स्पेशली फोन किया था। इजरायली राजनयिक के मुताबिक, पीएम मोदी ने जिस ढंग से इजरायल से एकजुटता दिखाई है, वह दिल छूने वाला है। उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी, बल्कि यहां के अधिकारियों, मंत्रियों, सिविल सोसाइटी और यहां तक कि सोशल मीडिया पर लोगों से खूब समर्थन मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ बातचीत करके एक बार फिर बताया है कि वह हमारे साथ खड़े हैं।
हमास पर दबाव डाल सकता है भारत
भारत में इजरायल के राजदूत गिलोन का यह भी मानना है कि हमास पर वैश्विक दबाव बनाना बहुत जरूरी है। अगर भारत हमास पर प्रभाव रखने वाले नेताओं से बात करके 200 बंधकों को छुड़वाने में मदद करता है तो हम इस कदम का स्वागत करेंगे। उनका कहना है कि हमास के कमांडर इंस्तांबुल और कतर जैसी जगहों पर ऐशोआराम की जिंदगी बिता रहे हैं। दुनिया में भारत एक खास स्थान रखता है। कई देश हमास पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर भारत बातचीत करने में सफल रहता है तो हम इसका स्वागत करेंगे।
अस्पताल पर हमले में 500 लोग मारे गए
इजरायली राजदूत गिलोन का दावा है कि हमास को इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) का डर सता रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि गाजा के गल अहली अस्पताल पर रॉकेट से हमले के पीछे फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद का हाथ है। इस हमले में 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और दुनियाभर में इस हमले की आलोचना हो रही है। इजरायल ने साफतौर पर इस हमले से इनकार किया है।