PM के कहने पर हमास से बदला लेने के लिए गाजा में घुसी इजरायली सेना, पार करनी होंगी 5 चुनौतियां

Israel Hamas War: प्रधानमंत्री के कहने पर हमास से बदला लेने के लिए गाजा में घुसी इजरायली सेना क्या अपने सीने में धधक रही आग को बुझा पाएगी। इजरायल को कई चुनौतियां पार करनी होंगी, जैसे…

गाजा में अब सिर्फ बर्बादियों के निशान बचे हैं। फाइल फोटो

गाजा में अब सिर्फ बर्बादियों के निशान बचे हैं। फाइल फोटो

Israel Hamas War Inside Story: हमास के लड़ाकों ने इजरायल ने खूब कत्लेआम किया। नरसंहार करते हुए करीब 1300 लोगों को मार डाला, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इन 1300 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए इजरायली सेना जंग का ऐलान कर चुकी है। इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में घुसकर तबाही मचानी भी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यनाहू ने गाजा को शमशान बना देने की कसम खाई है।

इजरायल गाजा शहर से हमास के लड़ाकों को जड़ से खदेड़ने का प्लान तैयार कर चुका है, लेकिन क्या प्रधानमंत्री के कहने पर हमास से बदला लेने के लिए गाजा में घुसी इजरायली सेना क्या अपने सीने में धधक रही आग को बुझा पाएगी, क्या इजरायल का बदला पूरा हो पाएगा, यह बहुत बड़ा सवाल है, क्योंकि गाजा में घुसना आसान नहीं है। इसके अलावा भी इजरायल को कई चुनौतियां पार करनी होंगी, आइए विस्तार से इस बारे में बात करते हैं…

500 किलोमीटर लंबी सुरंगों का जाल

हमास से बदला लेने के लिए निकली इजरायल सेना के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट बनेगी गाजा पट्टी और इसके अंदर बिछा 500 किलोमीटर लंबी सुरंगों का जाल, जिसे गाजा मेट्रो के नाम से दुनिया जानती है। इन्हीं सुरंगों के रास्ते हमास के लड़ाके 7 अक्टूबर को इजरायल में घुसे। हमास के लड़ाके इन सुरंगों में छिपकर रहते हैं। उन्होंने इन सुरंगों में ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बना रखा है। इन सुरंगों में लाइटें लगी हैं। हथियार-बारूद छिपाए गए हैं। मोटी सीमेंट से बनी दीवारें हैं।

घनी आबादी में सुरंगें, जानें नहीं ले सकते

इजरायली सेना के लिए दूसरी चुनौती इन सुरंगों के ऊपर बसी घनी आबादी है। हालांकि इजरायल ने गाजा में बसे 10 लाख लोगों को शहर छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दे दिया है। इजरायल जमीनी जंग भी लड़ेगा। इसके लिए फिलिस्तिनियों को घर छोड़ने के लिए कह दिया है। ऐसे में लोग दक्षिण देशों की ओर जा सकते हैं, लेकिन अलर्ट करने के बावजूद लोग देशभक्ति निभाते हुए गाजा में ही रूक सकते हैं। अगर वे नहीं गए तो हमले में उनकी मौत होना निश्चित है।

हमास से बदला लेने का काफी कम समय

इजरायल सेना के बाद हमास से बदला लेने का समय बहुत कम है, क्योंकि पहले हमास ने इजरायल पर हमला करके नरसंहार किया। अब इजरायल जवाबी कार्रवाई में नरसंहार करेगा। ऊपर से गाजा की आबादी बाधक बनेगी। अगर लोगों ने शहर नहीं छोड़ा तो नरसंहार होगा। जमीनी रास्ते से लड़ाई में लंबा समय लगेगा। ज्यादा मौतें होंगी, ऐसा होने पर दुनिया के बड़े देश इजरायल पर पीछे हटने का दबाव बना सकते हैं, जिसे न चाहते भी इजरायल को मानना होगा।

सुरंगों का बहुत बड़ा अंडरग्राउंड नेटवर्क

इजरायल के मुखबिरों ने आशंका जताई है कि हमास ने गाजा के नीचे सुरंगों के नेटवर्क को इजरायल बॉर्डर तक फैला रखा है। यह करीब 500 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 100 किलोमीटर लंबी सुरंगों को खत्म करने दका दावा इजरायली सेना ने 2021 में किया था, लेकिन अभी भी काफी लंबा नेटवर्क है, जिसके रास्ते पर निकलना इजरायली सेना के लिए मुसीबत मोल लेने के बराबर होगा। ऊपर से इनके अंदर छिपकर बैठे करीब 20 हजार हमास लड़ाके, जो पहले से इजरायल की कार्रवाई को लेकर अलर्ट हैं।

मॉडर्न टेक्नोलॉजी के सेंसर और सिक्योरिटी

इजरायली सेना के लिए एक चुनौती, हमास के लड़ाकों के पास मॉडर्न टेक्नोलॉजी के सेंसर और सिक्योरिटी का होना है। इजरायली सेना ने भी अपने बॉर्डर पर मॉडर्न टेक्नोलॉजी के सेंसर लगा रखे हैं, लेकिन हमास के लड़ाकों की टेक्नोलॉजी ने उन्हें फेल कर दिया, यही वजह रही कि 7 अक्टूबर को हमास के हमले की खबर इजरायली सेना को भनक तक नहीं लग पाई। ऐसे में जब इजरायली सेना गाजा पट्टी में बनी सुरंगों में घुसेगी तो हमास के लड़ाकों को पता चल जाएगा और वे पहले से अपना बचाव कर लेंगे।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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