पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे भीषण संघर्ष के बीच एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. खबर है कि इजरायल ने अपनी सबसे आधुनिक और घातक लेजर हथियार प्रणाली 'आयरन बीम' को बेहद गोपनीय तरीके से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तैनात कर दिया है. यह कदम ईरान की ओर से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों से UAE को बचाने के लिए उठाया गया है. इस खुलासे की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इजरायल ने इनमें से कई हथियार तब तैनात किए जब वे पूरी तरह तैयार भी नहीं थे. कुछ सिस्टम अभी 'प्रोटोटाइप' यानी टेस्टिंग के दौर में थे, लेकिन 28 फरवरी 2026 को ईरान द्वारा शुरू किए गए हमलों के बाद इजरायल ने देरी करना ठीक नहीं समझा.
पहली बार मोर्चे पर इजरायली सैनिक
'फाइनेंशियल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह रक्षा सहयोग केवल हथियारों तक सीमित नहीं था. इजरायल ने इन अत्याधुनिक सिस्टम को चलाने के लिए अपने दर्जनों अनुभवी सैनिक भी UAE भेजे. रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि यह संख्या मामूली नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच रक्षा तालमेल का अब तक का सबसे बड़ा उदाहरण है.
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UAE को मिला 'त्रिकोणीय' सुरक्षा कवच
इजरायल ने UAE की सुरक्षा के लिए अपनी तीन सबसे ताकतवर तकनीकें वहां झोंक दी हैं:
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- आयरन बीम: यह एक आधुनिक लेजर सिस्टम है जो पलक झपकते ही दुश्मन के ड्रोन को आसमान में ही जलाकर राख कर देता है.
- आयरन डोम: दुनिया का सबसे भरोसेमंद मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जो आने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर देता है.
- स्पेक्ट्रो : यह एक ऐसा जादुई रडार है जो 20 किलोमीटर दूर से ही ईरानी ड्रोन्स की सटीक पहचान कर लेता है.
क्यों निशाने पर आया UAE?
ईरान ने इस युद्ध में UAE को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उसने साल 2020 में इजरायल के साथ दोस्ती का हाथ मिलाया था. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने UAE पर 500 से ज्यादा बैलेस्टिक मिसाइलें और करीब 2000 ड्रोन दागे. हालांकि, इजरायली तकनीक और सैनिकों की मुस्तैदी की वजह से UAE इन हमलों को नाकाम करने में सफल रहा.
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