इजरायल ने सीरिया में Druze समुदाय को बचाने के लिए दमिश्क में सेना के मिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला किया था। इस हमले में कई सेनाकर्मियों सहित आम नागरिकों के मारे जान की खबर सामने आई थी। अब इस मामले में तुर्की भी सामने आया है। तुर्की ने इस मामले में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जोलानी की क्लास लगाई है।
राष्ट्रपति भवन छोड़ने के दिए आदेश
तुर्की ने हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेता और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जोलानी को राष्ट्रपति भवन से तुरंत बाहर निकलने का आदेश जारी किया है। दरअसल, तुर्की ने जोलानी के अधीन सीरिया को Druze समुदाय के नरसंहार को रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन राष्ट्रपति ने इसे नजरअंदाज कर दिया। तुर्की ने जोलानी को बताया था कि नरसंहार नहीं रोका गया तो उसकी सरकार गिर जाएगी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।
तुर्की ने जोलानी को दिए विकल्प
बताया जा रहा है कि तुर्की ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जोलानी के सामने दो विकल्प दिए हैं। या तो जोलानी हयात तहरीर अल-शाम (HTS) सहयोगियों के साथ तुर्की में शरण लें, या फिर असद की तरह भा जाएं।
तुर्की ने इजरायल पर लगाया बड़ा आरोप
तुर्की का आरोप है कि इजरायल ने शांति समझौते का उल्लंघन किया है। सीरिया की राजधानी दमिश्क पर हमले से शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रयासों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस बीच सीरिया भयंकर अस्थिरता के दौर में पहुंच चुका है।