क्या ईरान पर हमला करने वाला है अमेरिका? नेतन्याहू-हेगसेथ की मुलाकात के बाद अटकलें तेज

Is The US Preparing For Fresh Iran Strikes: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव रहा है, और पिछले कुछ वक्त से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ती जा रही है. ऐसे वक्त में इजारायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के मुलाकात की खबर कई अटकलों को पैदा कर रही हैं.

Netanyahu Pete Hegseth @EliAfriatISR

पीट हेगसेथ और बेंजामिन नेतन्याहू (Photo-X/@EliAfriatISR)

Benjamin Netanyahu-Pete Hegseth Meeting: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कथित निजी मुलाकात ने ईरान संघर्ष को लेकर वाशिंगटन के अगले कदम के बारे में अटकलों को जन्म दे दिया है. ‘एक्सियोस’ (Axios) के मुताबिक, हेगसेथ ने इस बिना किसी बिना किसी पूर्व घोषणा के इजरायल का दौरा किया और नेतन्याहू से मुलाकात की. न तो इजरायली सरकार और न ही अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात की पुष्टि की है. ये मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू का समर्थन किया है. इससे दोनों देशों के रिश्तों में एक नया राजनीतिक पहलू जुड़ गया है.

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चर्चा के केंद्र में ईरान जंग

डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन करना लोगों का ध्यान खींच रहा है, क्योंकि एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि वाशिंगटन ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है. अमेरिकी मीडिया की कई रिपोर्टों में कहा गया है कि पेंटागन संभावित हमलों की तैयारी कर रहा हो सकता है, जो नवंबर की शुरुआत में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले हो सकते हैं. हालांकि हमलों को फिर से शुरू करने के बारे में कोई पक्का फैसला नहीं लिया गया है.

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चैथम हाउस में ‘मिडिल ईस्ट एंड नॉर्थ अफ्रीका’ कार्यक्रम की डायरेक्टर सनम वकील ने ट्रंप के इस समर्थन को राजनीतिक रूप से अहम बताया है. उन्होंने कहा कि इससे नेतन्याहू के इस तर्क को मजबूती मिल सकती है कि वाशिंगटन के साथ इजरायल के रिश्तों के लिए वो अहम हैं, हालांकि मतदाताओं पर इसके असर को बहुत ज्यादा करके नहीं आंकना चाहिए.

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किंग्स कॉलेज लंदन में सुरक्षा अध्ययन के एक्सपर्ट एंड्रियास क्रीग ने इस समर्थन को नेतन्याहू के लिए एक राजनीतिक फायदा बताया है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि इजरायली नेता को कई बड़ी चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें दक्षिणपंथी दलों के बीच मतभेद, अति-रूढ़िवादी मतदाताओं के बीच असंतोष और 7 अक्टूबर, 2023 को हमास की तरफ से किए गए हमले के राजनीतिक नतीजे शामिल हैं.

क्या संयुक्त सैन्य कार्रवाई हो सकती है?

सनम वकील ने चेतावनी दी कि ट्रंप का नेतन्याहू के साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ना अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए ईरान संघर्ष से खुद को दूर रखना मुश्किल बना सकता है. फिर भी उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सपोर्ट से ये साबित नहीं होता कि दोनों नेता किसी और सैन्य अभियान के लिए सहमत हो गए हैं. तेहरान के लिए, इस तरह की करीबी राजनीतिक जुगलबंदी से ये धारणा और मजबूत हो सकती है कि अमेरिका और इजरायल के लक्ष्य आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं.

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वेंस ने खुद को दूर रखा

इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डिजिटल आउटलेट ‘2WAY’ के साथ एक इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू का समर्थन करने से इनकार कर दिया. वेंस ने कहा कि उनका राजनीतिक ध्यान अमेरिकी उम्मीदवारों और आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर केंद्रित है, और उन्होंने खुद को इजरायल के चुनावी मुकाबले से अलग रखा है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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