अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान लगातार खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और है. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान कई ऐसे खाड़ी देशों को हथियार सप्लाई कर रहा है, जो खुद युद्ध से प्रभावित हैं. इंडिया टुडे को सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है कि पाकिस्तान अभी इराक और कुवैत को 'लाइटनिंग-2 लॉइटरिंग म्यूनिशन' मुहैया करा रहा है. सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में इसका परीक्षण भी किया है. जानकारी के मुताबिक, 'लाइटनिंग-2'एक ऐसा ड्रोन है जो 300 किलो विस्फोटक लेकर 300 किमी दूर तक के टारगेट को तबाह कर सकता है.
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किसे सप्लाई कर रहा फाइटर जेट?
एक और जानकारी के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने अज़रबैजान, कतर और यमन को JF-17 फाइटर जेट एक्सपोर्ट करने की डील फाइनल फेज़ तक पहुंच तक गई है. दरअसल, JF-17 लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर तैयार किया है. इन्हें पाकिस्तान एयर फोर्स की सबसे बड़ी ताकतों में से एक माना जाता है. खबरें ये भी हैं कि पाकिस्तान JF-17 ब्लॉक 4 का एक एडवांस्ड वर्जन तैयार कर रहा है, जो पहले से कहीं ज्यादा घातक और सुविधाओं से लैस होगा.
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क्या है मकसद?
भले ही पाकिस्तान अमेरिका-ईरान तनाव में मध्यस्थ का रोल अदा करने का दावा कर रहा है, लेकिन शुरू से ही वो शक के घेरे में रहा है. दरअसल, तेहरान और वॉशिंगटन दोनों के साथ इस्लामाबाद के अच्छे संबंध रहे हैं. वहीं, चीन के साथ भी उसकी डिफेंस साझेदारी मज़बूत रही है. सूत्रों के मुताबाकि, ये जानकारी सामने आई है कि अमेरिका-ईरान युद्ध का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान खाड़ी देशों में अपने डिफेंस एक्सपोर्ट को मज़बूत बना रहा है.
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