अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान 'ऑपरेशन लायन रोर' के तहत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के आधिकारिक कार्यालय पर सीधा हमला किया गया है. राजधानी तेहरान के मध्य में स्थित इस संवेदनशील परिसर पर हुए प्रहार की सैटलाइट तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, जो व्यापक तबाही की गवाही दे रही हैं. ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमले से पहले ही उन्हें गुप्त ठिकानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था.
ईरान ने किया बड़ा दावा
ईरान ने दावा करते हुए कहा कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, राष्ट्रपति, संसद स्पीकर, मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और सेना के कमांडर-इन-चीफ सभी स्वस्थ और सक्रिय हैं. तेहरान में न होने की पुष्टि करते हुए ईरानी मीडिया ने बताया कि खामेनेई को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था. इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, हमलों में मंत्रियों व सैन्य प्रमुखों के आवास, रक्षा एवं खुफिया मंत्रालय के ठिकाने तथा राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया गया. हालांकि, उच्च पदाधिकारियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
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डाउनटाउन में सर्वोच्च नेता के ऑफिस पर भारी सुरक्षा बल तैनात
तेहरान के अलावा तबरीज, कुम, करज, खुर्रमाबाद, करमानशाह और इलाम जैसे प्रमुख शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं. शुरुआती चरण में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की सैन्य इकाइयों और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर फोकस किया गया. इजरायली सूत्रों ने इसे हवाई और समुद्री दोनों मार्गों से समन्वित कार्रवाई बताया, हालांकि लक्ष्यों का पूरा ब्योरा अभी गोपनीय रखा गया है. तेहरान के डाउनटाउन में सर्वोच्च नेता के कार्यालय परिसर के आसपास अब भारी सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन नुकसान का आधिकारिक आकलन जारी नहीं हुआ.
हाई अलर्ट पर ईरान
ईरान ने पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, और सुरक्षा एजेंसियां उच्चतम सतर्कता पर हैं. ईरानी अधिकारियों ने इजरायल-अमेरिका को कड़ा चेतावनी देते हुए कहा कि इस ‘कायरतापूर्ण हमले’ का जवाब ‘कुचल देने वाला’ होगा. विश्लेषकों का कहना है कि सर्वोच्च नेता के दफ्तर को निशाना बनाना न केवल सैन्य, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा संदेश है, जो तेहरान की सत्ता की जड़ों को चुनौती देता है.