Iran Warns Israel America: इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान का पहला बयान आ गया है। ईरान की ओर से इजरायल और अमेरिका को धमकी दी गई है। ईरान ने कहा है कि लड़ाई तुमने शुरू की है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे। हमले का जवाब देने की तैयारी है, जल्दी ही दोनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। इतनी मिसाइलें दागेंगे कि अमेरिका और इजरायल की नाक में दम कर हो जाएगा कि किसी मिसाइल को कहां से रोकें?
ईरान की संसद में नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के हेड ने बयान दिया है कि इजरायल ने एक ऐसे रास्ते पर चलना शुरू कर दिया है, जिसका अंत उसके हाथ में नहीं है, बल्कि इसका अंत ईरान करेगा। साथ में खामियाजा अमेरिका भुगतेगा। इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति अली खामेनेई के सरकारी आवास पर हमला किया। इजरायल ने वहां करीब 7 मिसाइलें दागीं, लेकिन इजरायल जान ले कि हमारे राष्ट्रपति बिल्कुल सुरक्षित हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान भी आया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान में सैन्य अभियान शुरू किए हैं। अमेरिका का मकसद ईरानी शासन से पैदा होने वाले खतरों को समाप्त करके अमेरिका के लोगों की रक्षा करना है। यह शासन क्रूर और बेहद निर्मम लोगों का है। इसकी खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, अमेरिकी सैनिकों, विदेशों में बने अमेरिका के सैन्य अड्डों और दुनियाभर में अमेरिका के सहयोगियों के लिए खतरा हैं।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान दुनिया का सबसे खतरनाक देश है। उसने विरोध प्रदर्शन कर रहे अपने ही हजारों लोगों को मार दिया। यह आतंकवादी देश कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। उन्हें चेतावनी दी गई थी कि वे परमाणु हथियार बनाने के प्रयास फिर से शुरू न करें। बार-बार समझौता करने की कोशिश की, लेकिन ईरान समझौता नहीं करना चाहता। उन्होंने अपनी परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षाओं को त्यागने से इनकार किया है।
ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने और लंबी दूरी की मिसाइलों का विकास जारी रखने का प्रयास किया। ईरान अमेरिका के सहयोगी देशों के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए अमेरिाक अब ईरान की मिसाइलें खत्म कर देगा। ईरान की नौसेना को ही खत्म कर देगा। IRGC और अली खामेनेई सरेंडर करें, नहीं तो तबाह करके रख देंगे, लेकिन ईरान का अमेरिका और दुनियाभर के अन्य देशों के लिए खतरा नहीं बनने देंगे।