Masoud Pezeshkian At UNGA: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 23 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान तेहरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर पलटवार किया. अपने भाषण के दौरान पेजेश्कियान ने मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें दिखाईं और ईरान को एक ऐसे देश के तौर पर पेश किया जो आतंकवाद और सैन्य हमलों का शिकार रहा है.
अमेरिकी आरोपों को किया खारिज
पेजेश्कियान ने ट्रंप के उस दावे का सीधे तौर पर जवाब दिया जिसमें ईरान को आतंकवाद का सोर्स बताया गया था; उन्होंने तर्क दिया कि ईरान खुद अमेरिका और इजराइल के हमलों का सामना कर चुका है. उन्होंने अपने खिलाफ सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के तेहरान के फैसले का बचाव करते हुए ईरानी अधिकारियों और नागरिकों की मौत का जिक्र किया. ईरानी नेता ने कहा कि उनका देश ऐसा कोई दबाव स्वीकार नहीं करेगा जिसका मकसद उसे अपना बचाव करने से रोकना हो. उन्होंने ये भी कहा कि ईरान पड़ोसी देशों को दुश्मन या सुरक्षा के लिए खतरा नहीं मानता है.
मिनाब स्कूल हमले का जिक्र
UNGA में भाषण के दौरान पेजेश्कियान ने दक्षिणी ईरान में मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें दिखाईं. ये घटना 28 फरवरी 2026 को ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे जंग के दौरान हुई थी. पेजेश्कियान ने संघर्ष में आम नागरिकों को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए और ईरान के आतंकवाद के लिए जिम्मेदार होने के आरोपों को खारिज करते हुए इस हमले का हवाला दिया. यूनाइटेज नेशंस की एक जांच समिति ने पहले इस हमले के तौर-तरीकों को लेकर आरोप लगाए थे, जबकि अमेरिका ने इन नतीजों पर सवाल उठाए हैं.
‘ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम शांतिपूर्ण’
मसूद पेजेश्कियान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर तेहरान के रुख को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने के बजाय नागरिक ऊर्जा और दूसरे शांतिपूर्ण मकसद के लिए परमाणु तकनीक चाहता है. ये मुद्दा तेहरान और वाशिंगटन के बीच असहमति का एक बड़ा कारण बना हुआ है, और अमेरिका ईरान की न्यूक्लियर कैपेबिलिटीज को लेकर लगातार चिंताएं जताता रहा है.
पेजेश्कियान ने फिलिस्तीन का उठाया मुद्दा
ईरान के राष्ट्रपति ने फिलिस्तीन के हालात पर भी बात की और तर्क दिया कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए फिलिस्तीनियों के अधिकारों और शिकायतों पर ध्यान देना जरूरी है. इस स्पीच के ठीक एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान वाशिंगटन के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है तो उसे और नतीजों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए पेजेश्कियान की बातों ने परमाणु ऊर्जा, रीजनल सिक्योरिटी, फिलिस्तीन और चल रहे संघर्ष पर ईरान के रुख को सीधे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखा.