मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले दौर की बैठक करीब चार घंटे चली. बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ कर रहे हैं. पहले शुरुआती दौर की राजनीतिक बातचीत के बाद, तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों ने कमान संभाली. इन टीमों में आर्थिक, सैन्य, कानूनी और परमाणु विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने जटिल मुद्दों पर बारीकी से चर्चा की.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत में अहम अड़ंगा होर्मुज स्ट्रेट और लेबनान को लेकर लगा हुआ है. ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण चाहता है, ताकि वे अपने नियमों के हिसाब से जहाजों की आवाजाही कंट्रोल कर सके. लेकिन अमेरिका चाहता है कि होर्मुज पूरी तरह से स्वतंत्र रहे. वहीं, लेबनान को लेकर ईरान का कहना है कि सीजफायर के तहत वहां भी हमले रोके जाएं. लेकिन इजरायल लेबनान पर लगातार हमले करता जा रहा है. वहीं, अमेरिका भी लेबनान को सीजफायर का हिस्सा मानने से मना कर रहा है.

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बताया जा रहा है, पहले दोनों देशों की टीमों ने आमने-सामने बातचीत की. लेकिन बाद दोनों तरफ से लिखित में अपनी अपनी बातें रखी गईं.

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'हक नहीं मिला तो छोड़ देंगे मेज' - ईरान की दो टूक

ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने साफ कर दिया है कि वे अपने देश के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता के साथ वार्ता में शामिल हुए हैं. प्रेस टीवी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, ईरानी पक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि उनके अधिकारों की गारंटी नहीं दी गई, तो वे वार्ता बीच में ही छोड़कर जा सकते हैं. ईरान ने बातचीत शुरू करने के लिए दो प्रमुख शर्तें रखी थीं, जिन्हें अमेरिका ने सामान्य तौर पर स्वीकार कर लिया है. इनमें लेबनान पर इजरायली हमलों पर तत्काल रोक लगाना और अमेरिका में रुकी हुई ईरानी धनराशि को जारी करना शामिल है.

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लेबनान में युद्धविराम और 10-सूत्रीय ढांचा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने बेरूत पर हमले रोक दिए हैं और अपनी सैन्य कार्रवाई को दक्षिणी लेबनान तक सीमित कर दिया है, जिसे पिछले हफ्ते घोषित युद्धविराम की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. ईरान ने इस वार्ता के लिए 10-सूत्रीय ढांचा तैयार किया है, जिसमें प्रतिबंधों को हटाना और युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग शामिल है.

बिना अनुमति के होर्मुज से नहीं गुजरने देंगे - ईरान

ईरान ने एक बार फिर कहा है कि बिना अनुमति के किसी भी जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरने देंगे. आज इस्लामाबाद में एक तरफ बातचीत चल रही थी तो दूसरी तरफ के फारस न्यूज के हवाले से खबर आई है कि एक अमेरिकी विध्वंसक को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश के दौरान ईरान ने अनुमति देने से इंकार कर दिया. ईरानी सेना ने जहाज को चेतावनी जारी कर वापस लौटा दिया.