मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ. ये अटैक ओमान के तट के पास हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. शुरुआती रिपोर्ट्स में इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, हमला जिस तेल टैंकर पर हुआ, वो कच्चा तेल लेकर समुद्री रास्ते से गुजर रहा था. जहाज पर कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें से 15 भारतीय नागरिक थे. ओमान की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जहाज पर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया. कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है. फिलहाल जहाज को सुरक्षित इलाके में ले जाया गया है.
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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया की तेल सप्लाई की लाइफलाइन कहा जाता है. दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. सऊदी अरब, ईरान, इराक और बाकी खाड़ी देशों का तेल इसी समुद्री रास्ते से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचता है. अगर इस रास्ते पर खतरा बढ़ता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है. फिलहाल इस हमले की जांच जारी है और किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है.
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भारत के लिए क्यों है चिंता की बात?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात के जरिए पूरा करता है. ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का तनाव भारत के लिए चिंता का कारण बन सकता है. इस घटना में भारतीय नागरिकों के शामिल होने के कारण भारत सरकार भी सतर्क हो गई है. भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे हमले बढ़ते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है. इसका असर पेट्रोल और डीजल के दामों पर भी पड़ सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा.
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